
रायपुर, 24 जनवरी।छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर राज्य में मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम काटे जाने की आशंका जताई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि वर्ष 2025 में मतदाता सूची की शुद्धता के नाम पर शुरू की गई विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के बाद अब मताधिकार पर सुनियोजित हमला किया जा रहा है।
डॉ. महंत ने कहा कि SIR की प्रक्रिया पूर्ण होने के बावजूद प्रदेश की प्रत्येक विधानसभा में हजारों ऐसे नागरिकों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने का खतरा बना हुआ है, जो वर्षों से नियमित रूप से मतदान करते आ रहे हैं। यह स्थिति लोकतंत्र के लिए अत्यंत चिंताजनक है।
उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वसनीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार भाजपा के वरिष्ठ नेताओं द्वारा बैठकें कर यह रणनीति बनाई गई कि ऐसे मतदाताओं की पहचान की जाए जो भाजपा समर्थक नहीं हैं और उनके नाम फॉर्म-7 के माध्यम से मतदाता सूची से विलोपित कराए जाएं। प्रत्येक कार्यकर्ता द्वारा एक साथ कई फॉर्म भरकर प्रति बूथ सैकड़ों नाम कटवाने की योजना बनाई गई है। यह भी आरोप लगाया गया कि इस पूरी प्रक्रिया में यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि जिन मतदाताओं के नाम हटाए जाएं, वे भाजपा के मतदाता न हों।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यह अभियान फॉर्म-7 के नाम पर चलाया जा रहा है, जिसमें केवल “शिकायत” के आधार पर यह दावा किया जा रहा है कि संबंधित व्यक्ति उस स्थान पर निवास नहीं करता। बिना पर्याप्त सत्यापन के वैध मतदाताओं के नाम काटने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने इसे “वोटर लिस्ट की सफाई नहीं, बल्कि वोटर लिस्ट का सफाया” करार दिया।
डॉ. महंत ने गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह कोई संयोग नहीं बल्कि एक सोची-समझी और लक्षित रणनीति है, जिसके तहत विशेष समुदाय और विशेष धर्म के मतदाताओं को चिन्हित कर मताधिकार से वंचित करने का प्रयास किया जा रहा है।
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