Sunday , February 1 2026

मनुष्य जीवन परमार्थ के लिए मिला है,स्वार्थ के लिए नहीं – युवा संत अभय साहेब

भिलाई नगर 01 फरवरी।भारतीय ज्ञान परम्परा में हुए पंद्रहवीं शताब्दी के महान कवि संत कबीर के अनमोल विचार इस्पात नगरी भिलाई के निर्मल ज्ञान मंदिर परिसर (कबीर आश्रम) में तीन दिनों तक गूंजते रहे।भजन, सत्संग और प्रवचनों के साथ परिसर में तीन दिवसीय आध्यात्मिक सदज्ञान महायज्ञ का 57वाँ वार्षिक स्थापना महोत्सव आयोजित किया गया था।

  कार्यक्रम में बिहार के भागलपुर जिले के कहलगांव से आए क्रांतिकारी युवा संत अभय साहेब ने अपने प्रवचन के माध्यम से संत कबीर के दोहों की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला।उन्होंने कहा कि हमें मनुष्य जीवन परमार्थ के लिए मिला है, निजी स्वार्थ के लिए नहीं। उन्होंने वसुधैव कुटुंबकम् की महत्ता को सरल रूप में भक्तों को समझाने का सरहानीय प्रयास किया। संत अभय साहेब ने यह भी कहा  कि हमें धन जोड़ने के बजाय कर्म के माध्यम से जीवन को सार्थक बनाने का प्रयास करना चाहिए । 

  महायज्ञ में हरियाणा के संत गुलशन साहेब, धमतरी (छत्तीसगढ़) के संत हिरेंद्र साहेब और नागपुर (महाराष्ट्र) के संत यतींद्र साहेब ने भी अपने विचार व्यक्त किए।छत्तीसगढ़ के कई कबीर आश्रमों से संत और साध्वी इस अवसर पर उपस्थित रहे।समापन समारोह में शिक्षा और समाज के विभिन्न क्षेत्रों की अनेक प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही कबीर पंथियों ने देह दान की घोषणा करके मानवता के कल्याण के लिए अच्छा संदेश दिया। इस अवसर पर हाईटेक हॉस्पिटल स्मृति नगर द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया । एक अन्य समाजसेवी संस्था के शिविर में निःशुल्क रक्त परीक्षण किया गया। तीन दिवसीय महोत्सव का समापन कार्यक्रम विगत पच्चीस जनवरी को सम्पन्न हुआ ।

   आयोजन के दौरान विभिन्न चरणों में गुरु वंदना के साथ -साथ ध्वजारोहण, मंगलाचरण,  और भजन सत्संग के भी कार्यक्रम हुए।भजन संध्या में जागृति सार्वा, साध्वी सुमन, राधेश्याम साहू, गीतांजलि, डालेश्वरी और चोवाराम के साथ ही दूर -दूर से आए कलाकारों ने भी अपनी सहभागिता दी। आश्रम ट्रस्ट और प्रबंधन समिति के पदाधिकारियों  सहित बड़ी संख्या में कबीरपंथियों की उपस्थिति से निर्मल ज्ञान मंदिर (कबीर आश्रम ) परिसर में तीन दिनों तक काफी चहल -पहल बनी रही । 

   आयोजन को सफल बनाने में उत्तम साहू, दलजीत सिंह, जितेन्द्र कुमार, फूलचंद साहू, शिवकुमार साव, भोपाल कलिहारी, चंद्रमोहन साव, डॉ. दीनदयाल साहू, तिलक वर्मा, विजयकांत, भरतलाल, लालजी साहू, संतोष कुमार सुरेश कुमार भुखउ राम के साथ ही कबीर डॉ.हीरालाल साहू,  आत्माराम साहू, पी. डी.साहू, श्रीमती उर्मिला साहू, गौकरण लाल साहू, फकीर राम साहू, वेद प्रकाश साहू, प्रेमलता साहू, लक्ष्मी साहू, जितेन्द्र साहू, संतमति साहू ,जंत्री साव, अशोक साहू,  शीला हिरवानी,  दसोदा साहू, सरस्वती साहू, भरत साहू, के पी साहू, रामाधार साहू, जागृति सार्वा, दिलेश्वरी साहू, मंजीत अदब, मंथीर साहू आदि ने सराहनीय सहयोग दिया ।