कांग्रेस का विधानसभा घेरावःमनरेगा,महंगाई और कानून व्यवस्था पर सरकार को घेरा

रायपुर, 17 मार्च।छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कांग्रेस ने मंगलवार को बड़ा शक्ति प्रदर्शन करते हुए विधानसभा का घेराव किया। “मनरेगा बचाओ संग्राम” के तहत आयोजित इस आंदोलन में प्रदेशभर से हजारों कार्यकर्ता और आम नागरिक शामिल हुए।
कांग्रेस ने इस दौरान बिजली दरों में बढ़ोतरी, किसानों से वादाखिलाफी, धान खरीदी में अनियमितता, गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतें, बिगड़ती कानून व्यवस्था और प्रदेश में नशे के बढ़ते कारोबार जैसे मुद्दों पर राज्य और केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया।
इस घेराव में प्रदेश प्रभारी महासचिव सचिन पायलट, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व मंत्री ताम्रध्वज साहू सहित कई वरिष्ठ नेता, विधायक, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।
सभा को संबोधित करते हुए सचिन पायलट ने कहा कि कांग्रेस हमेशा से गरीब, मजदूर और वंचित वर्ग की आवाज रही है और इसी जिम्मेदारी के तहत यह घेराव किया जा रहा है। उन्होंने मनरेगा को ऐतिहासिक और विश्वस्तरीय कानून बताते हुए कहा कि यह रोजगार का अधिकार देने वाला अनोखा कानून है, जिसे कांग्रेस नेतृत्व ने लागू किया था। पायलट ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इस योजना को कमजोर करने और इसके स्वरूप में बदलाव करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि पहले केंद्र सरकार इस योजना में अधिक आर्थिक हिस्सेदारी निभाती थी, लेकिन अब राज्यों पर बोझ बढ़ाया जा रहा है और ग्राम पंचायतों की भूमिका भी सीमित की जा रही है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने इस प्रदर्शन को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि प्रदेश के हर कोने से आए कार्यकर्ताओं ने यह संदेश दिया है कि भाजपा सरकार के खिलाफ जनाक्रोश बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय शुरू हुई बिजली बिल हाफ योजना से लोगों को राहत मिलती थी, लेकिन वर्तमान सरकार में बिजली दरों में बढ़ोतरी से आम जनता परेशान है। बैज ने आरोप लगाया कि किसानों को धान का उचित मूल्य नहीं मिल रहा और युवाओं की समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 2028 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस मजबूती से लड़कर सरकार बनाएगी।
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह सरकार आम जनता की बजाय कुछ चुनिंदा उद्योगपतियों के हित में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि मजदूरों, किसानों और गरीबों की आवाज को अनसुना किया जा रहा है, जबकि कांग्रेस हमेशा उनके अधिकारों के लिए संघर्ष करती रही है। महंत ने यह भी कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक हो चुकी है और किसानों के साथ लगातार भेदभाव हो रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने संबोधन में कहा कि मनरेगा कांग्रेस की सोच और गरीबों को सम्मानजनक जीवन देने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इस योजना को कमजोर कर रही है और गरीबों के अधिकारों को सीमित करने का प्रयास कर रही है। बघेल ने किसानों को खाद की कमी, गैस सिलेंडर की महंगाई और बढ़ती बेरोजगारी जैसे मुद्दों को उठाते हुए सरकार की नीतियों की आलोचना की। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था कमजोर हुई है और नशे के कारोबार में वृद्धि चिंता का विषय है।
सभा में अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि जल, जंगल और जमीन जैसे संसाधनों का दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जनता की समस्याओं के प्रति संवेदनशील नहीं है और केवल राजनीतिक लाभ के लिए निर्णय ले रही है।
कार्यक्रम का संचालन मलकीत सिंह गैदू ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन रायपुर शहर कांग्रेस अध्यक्ष श्रीकुमार मेनन ने किया।




