लखनऊ, 08 मई। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में चुनाव के दौरान हुई कथित “महाधांधली और महाबेईमानी” को देखने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि अब संघर्ष केवल चुनाव बचाने का नहीं, बल्कि देश और लोकतंत्र को बचाने का है।
सपा मुख्यालय की ओर से जारी बयान में अखिलेश यादव ने कहा कि देश ऐसे लोगों के हाथों में चला गया है जो संविधान, लोकतंत्र, आरक्षण, समानता, न्याय और सामाजिक सद्भाव जैसी मूल भावनाओं के खिलाफ काम कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और उससे जुड़े लोग आजादी से पहले भी देश विरोधी सोच रखते थे और आज भी उसी मानसिकता के साथ काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि देशवासियों को यह समझना होगा कि देश की एकता और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने वाली ताकतें आखिर किसके इशारे पर काम कर रही हैं। अखिलेश ने सवाल उठाते हुए कहा कि स्वदेशी की बात करने वाले लोग विदेशों से धन क्यों लेते हैं और कोविड के दौरान जुटाए गए चंदे का हिसाब जनता के सामने क्यों नहीं रखा जाता।
सपा प्रमुख ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि योजना आयोग को खत्म कर विकास की दिशा को कमजोर किया गया, जबकि नोटबंदी और जीएसटी जैसी नीतियों ने छोटे व्यापारियों और देश की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी स्कूलों को कमजोर कर गरीब और आम परिवारों के बच्चों को बेहतर शिक्षा से दूर किया जा रहा है।
अखिलेश यादव ने कहा कि साम्प्रदायिकता फैलाकर देश की एकता को तोड़ने और राजनीतिक दलों को कमजोर कर लोकतांत्रिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने सवाल किया कि खुद को विश्वगुरु बताने वाली सरकार विदेश भागे आर्थिक अपराधियों को वापस क्यों नहीं ला पा रही है।
उन्होंने देशवासियों से एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि अब निर्णायक समय आ चुका है और सभी को मिलकर देश विरोधी तथा नकारात्मक शक्तियों के खिलाफ खड़ा होना होगा। उन्होंने कहा कि देश को बचाने और नई आजादी की लड़ाई के लिए अब तिरंगा उठाने का समय आ गया है।




