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TVK प्रमुख विजय होंगे तमिलनाडु के नए सीएम, वाम दलों और IUML के समर्थन से बहुमत हासिल

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(प्रतीकात्मक फोटो)

चेन्नई, 08 मई। तमिलनाडु की राजनीति में कई दिनों से जारी सस्पेंस आखिरकार खत्म हो गया है। टीवीके (तमिझगा वेत्री कड़गम) प्रमुख विजय को राज्यपाल ने सरकार बनाने का निमंत्रण दे दिया है। विजय शनिवार सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। इसके साथ ही अभिनेता से नेता बने विजय पहली बार तमिलनाडु की सत्ता संभालने जा रहे हैं।

     शुक्रवार को हुए तेज राजनीतिक घटनाक्रम में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), विदुथलाई चिरुथैगल काची (वीसीके) और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) ने टीवीके को बिना शर्त समर्थन देने का ऐलान किया। वाम दलों ने कहा कि राज्य में “बीजेपी के परोक्ष प्रभाव” को रोकने और जनता के जनादेश का सम्मान करने के लिए उन्होंने विजय के नेतृत्व वाली सरकार को समर्थन देने का फैसला किया है।

      इन दलों के समर्थन के बाद 234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में टीवीके गठबंधन का आंकड़ा बहुमत के जरूरी 118 सीटों से ऊपर पहुंच गया। टीवीके के पास पहले से 108 विधायक थे, जबकि कांग्रेस के पांच विधायकों ने पहले ही विजय को समर्थन देने की घोषणा कर दी थी। बाद में सीपीआई, सीपीएम, वीसीके और आईयूएमएल के दो-दो विधायकों के समर्थन से विजय खेमे की कुल ताकत 120 तक पहुंच गई।

      बहुमत का आंकड़ा हासिल होने के बाद विजय देर शाम राजभवन पहुंचे और राज्यपाल को सहयोगी दलों के समर्थन पत्र सौंपते हुए सरकार बनाने का दावा पेश किया। राज्यपाल ने उनका दावा स्वीकार करते हुए मौखिक रूप से सरकार गठन का निमंत्रण दे दिया। औपचारिक पत्र देर रात या शनिवार सुबह जारी होने की संभावना है।

      राज्यपाल से मुलाकात के बाद विजय चेन्नई स्थित सीपीआई मुख्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने वाम दलों के नेताओं से मुलाकात कर समर्थन के लिए आभार जताया। सहयोगी दलों के नेताओं ने कहा कि उनका उद्देश्य राज्य में राजनीतिक स्थिरता बनाए रखना और लंबे समय तक जारी अनिश्चितता को समाप्त करना है।

     गौरतलब है कि हालिया विधानसभा चुनाव में टीवीके 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, लेकिन वह अपने दम पर बहुमत से कुछ सीटें दूर रह गई थी। इसके बाद समर्थन जुटाने के प्रयास तेज हुए और अब विजय सरकार बनाने की स्थिति में पहुंच गए हैं।

     तमिलनाडु की राजनीति में यह एक ऐतिहासिक मोड़ माना जा रहा है, क्योंकि चुनावी राजनीति में सक्रिय हुए एक साल से भी कम समय में विजय राज्य के मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं।