रायपुर, 14 मई। खरीफ सीजन 2026-27 के लिए केंद्र सरकार द्वारा धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में की गई 72 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने किसानों के साथ अन्याय बताया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा महंगाई और खेती की बढ़ती लागत को देखते हुए यह बढ़ोतरी बेहद अपर्याप्त है।
दीपक बैज ने कहा कि पिछले वर्ष भी धान के MSP में केवल 69 रुपये की वृद्धि की गई थी और इस वर्ष की बढ़ोतरी महज लगभग 3 प्रतिशत है, जबकि महंगाई दर करीब 8 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों की आय दोगुनी करने और सी-2 फार्मूले के आधार पर लागत पर 50 प्रतिशत लाभ देने का वादा करने वाली केंद्र की मोदी सरकार किसानों को लगातार निराश कर रही है।
उन्होंने कहा कि सी-2 फार्मूले में खेती से जुड़े सभी खर्च — जैसे खाद, बीज, सिंचाई, रसायन, मजदूरी, जमीन का किराया, ब्याज और किसान परिवार की मेहनत की अनुमानित लागत — को शामिल किया जाना चाहिए, लेकिन सरकार कई महत्वपूर्ण खर्चों को नजरअंदाज कर रही है। बैज ने यह भी कहा कि 10 फरवरी 2026 से केंद्र सरकार द्वारा पोटाश की कीमतों में 15 प्रतिशत और एनपीके खाद की कीमतों में 30 प्रतिशत तक वृद्धि की गई है, जिससे किसानों की लागत और बढ़ी है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि बढ़ती मजदूरी और महंगाई के कारण धान उत्पादन की लागत में पिछले एक साल में औसतन 8 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है, लेकिन MSP में केवल 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर किसानों के साथ अन्याय किया गया है।
दीपक बैज ने भाजपा पर विधानसभा चुनाव के दौरान किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल धान खरीदी का वादा करने की याद दिलाते हुए कहा कि राज्य में भाजपा सरकार बनने के बाद MSP में क्रमशः 117 रुपये, 69 रुपये और इस वर्ष 72 रुपये की वृद्धि हुई है। इस हिसाब से किसानों को अब 3358 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जाना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार केंद्र द्वारा बढ़ाए गए समर्थन मूल्य का लाभ किसानों तक नहीं पहुंचा रही है और पिछले दो वर्षों की MSP वृद्धि को 3100 रुपये में जोड़कर भुगतान नहीं किया जा रहा। बैज ने इसे किसानों के साथ धोखा बताया।




