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बस्तर में सुरक्षा शिविर बन रहे ‘जन सुविधा केंद्र’, अमित शाह ने सराहा विकास मॉडल

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नई दिल्ली/रायपुर, 14 मई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात कर बस्तर क्षेत्र में तेजी से हो रहे बदलावों और विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी साझा की। इस दौरान उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा भी मौजूद रहे।

     बैठक में विशेष रूप से राज्य सरकार द्वारा संचालित ‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ की प्रगति पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि जिन दूरस्थ इलाकों में पहले एम्बुलेंस पहुंचना भी कठिन था, वहां अब नियमित रूप से डॉक्टरों और स्वास्थ्य टीमों की पहुंच सुनिश्चित हो रही है। स्वास्थ्यकर्मी गांव-गांव पैदल पहुंचकर लोगों की जांच कर रहे हैं तथा गंभीर मरीजों की पहचान कर उन्हें निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।

      मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि अभियान के तहत केवल एक महीने में 21.86 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है और उनके डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार किए गए हैं। साथ ही हजारों मरीजों को समय पर उपचार और जरूरत पड़ने पर बड़े अस्पतालों में रेफर भी किया गया है।

      उन्होंने बताया कि बस्तर के पुराने सुरक्षा शिविरों को अब धीरे-धीरे “जन सुविधा केंद्र” के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन केंद्रों के माध्यम से ग्रामीणों को स्वास्थ्य, शिक्षा, बैंकिंग और सरकारी योजनाओं से जुड़ी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को पहली बार कई बुनियादी सेवाओं का सीधा लाभ मिल रहा है।

      मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ की शुरुआत 13 अप्रैल को सुकमा से की गई थी, जिसमें करीब 36 लाख लोगों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा ‘बस्तर मुन्ने (अग्रणी बस्तर) अभियान’ के तहत 31 महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का कार्य भी तेजी से जारी है।

     उन्होंने यह भी बताया कि जगदलपुर में नया सुपर स्पेशलिटी अस्पताल शुरू होने से अब बस्तर के लोगों को गंभीर और महंगे इलाज के लिए रायपुर या बिलासपुर नहीं जाना पड़ेगा। वहीं डायल-112 की नेक्स्ट जेन सेवा का विस्तार और सुरक्षा शिविरों को जन सुविधा केंद्रों में बदलने की योजना को बस्तर के स्थायी विकास की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जो क्षेत्र कभी नक्सल प्रभाव के कारण मुख्यधारा से कटे हुए थे, वहां अब सरकारी योजनाओं का लाभ तेजी से पहुंच रहा है। उन्होंने सुकमा के एक दुर्गम गांव से गंभीर मरीज को सैकड़ों किलोमीटर दूर अस्पताल पहुंचाकर उपचार दिलाने की घटना को इस बदलाव का बड़ा उदाहरण बताया।

     बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने बस्तर के लिए तैयार विकास रोडमैप की भी जानकारी दी, जिसमें सड़क, शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास और निवेश को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया है।

    केंद्रीय गृहमंत्री श्री शाह ने बस्तर में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर यह सुनिश्चित कर रही हैं कि विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

  उल्लेखनीय है कि केंद्रीय गृहमंत्री श्री शाह का 18 और 19 मई को बस्तर दौरा संभावित माना जा रहा है।