रायपुर, 23 मई।छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरुण साव ने प्रदेश में पेयजल व्यवस्था और जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को मिशन के शेष कार्यों को तय समय-सीमा में तेजी और गंभीरता से पूरा करने के निर्देश दिए।
मंत्रालय में आयोजित समीक्षा बैठक में विभागीय वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सभी जिलों के मैदानी अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए।बैठक में जल जीवन मिशन, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की पेयजल योजनाओं तथा ग्रीष्मकालीन पेयजल व्यवस्था की विस्तार से समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार से योजनाओं के लिए राशि जारी होने में मैदानी स्तर पर कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता अहम भूमिका निभाती है। इसलिए सभी अधिकारी योजनाओं की मॉनिटरिंग और क्रियान्वयन में विशेष सतर्कता बरतें।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति शासकीय व्यवस्था पर निर्भर है। ऐसे में जल आपूर्ति बाधित होने पर आम लोगों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ता है। विभाग को दूरदृष्टि और पूर्व तैयारी के साथ कार्य करना होगा ताकि किसी भी स्थिति में पेयजल संकट उत्पन्न न हो।
उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को हर गांव की पेयजल व्यवस्था का नियमित निरीक्षण करने तथा किसी भी समस्या का तत्काल समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिन गांवों में जल जीवन मिशन के कार्य पूर्ण हो चुके हैं, वहां “हर घर जल” का सत्यापन कर योजनाओं के संचालन और संधारण की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों को सौंपने के लिए कहा गया।
उन्होंने विभाग के मुख्य अभियंताओं और अधीक्षण अभियंताओं को जिला कलेक्टरों के साथ समन्वय बनाकर प्रत्येक योजना की प्रगति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए। साथ ही कार्यपालन अभियंताओं को सक्रिय सहयोग देकर योजनाओं को समय-सीमा में पूरा कराने पर जोर दिया।
ग्रीष्मकालीन पेयजल व्यवस्था की समीक्षा के दौरान अरुण साव ने खराब हैंडपंपों की तत्काल मरम्मत करने और जलस्तर नीचे चले जाने से प्रभावित हैंडपंपों में राइजर पाइप बढ़ाकर जलापूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए। जरूरत पड़ने पर नए ट्यूबवेल खोदने के लिए भी कहा गया।
समीक्षा बैठक में नक्सल प्रभावित और दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में पेयजल योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को इन क्षेत्रों में स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। बैठक में जल जीवन मिशन 2.0 के विभिन्न प्रावधानों पर भी चर्चा हुई।




