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छत्तीसगढ़ कैबिनेट के 9 बड़े फैसले: कारोबार आसान बनाने से लेकर निजी विश्वविद्यालय, GST और NRDA OTS योजना को मिली मंजूरी

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रायपुर, 08 जुलाई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के प्रशासनिक, औद्योगिक, शिक्षा, कर व्यवस्था और निवेश से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कैबिनेट ने कुल नौ प्रमुख प्रस्तावों को मंजूरी देते हुए कारोबार को आसान बनाने, निवेश को बढ़ावा देने, उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और कर प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में अहम कदम उठाए।

बिजली भुगतान के लिए लागू होगी नई व्यवस्था

    कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी द्वारा केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के विद्युत उपक्रमों (सीपीएसयू) से खरीदी जाने वाली बिजली के भुगतान की सुरक्षा के लिए वर्तमान त्रिपक्षीय अनुबंध (ट्राइपार्टाइट एग्रीमेंट) के स्थान पर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप डायरेक्ट डेबिट मैंडेट (डीडीएम) व्यवस्था लागू करने को मंजूरी दी। इससे एनटीपीसी सहित अन्य सीपीएसयू से निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी। सरकार ने स्पष्ट किया कि इस व्यवस्था से राज्य पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा और आवश्यकता पड़ने पर लेटर ऑफ क्रेडिट (एलसी) की व्यवस्था पहले की तरह जारी रहेगी।

बस्तर फाइटर्स के सेवा नियमों में संशोधन

    मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ पुलिस विशेष कार्यपालिक बल (बस्तर फाइटर्स) के फाइटर आरक्षक भर्ती एवं सेवा शर्त नियम, 2026 में महत्वपूर्ण संशोधन को भी स्वीकृति प्रदान की।

निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना के नियम होंगे अधिक व्यावहारिक

     कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) संशोधन विधेयक, 2026 के प्रारूप को मंजूरी दी। संशोधन के तहत विन्यास निधि की जगह रक्षित निधि का प्रावधान किया गया है, जिससे विद्यार्थियों के हितों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित होगी। साथ ही विश्वविद्यालयों में आधारभूत अधोसंरचना, पुस्तकालय और अन्य सुविधाओं को यूजीसी एवं संबंधित नियामक संस्थाओं के मानकों के अनुरूप विकसित करना अनिवार्य होगा। सरकार का मानना है कि इससे राज्य में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा संस्थानों की स्थापना को बढ़ावा मिलेगा।

वैट अधिकरण समाप्त होगा, लंबित मामले राजस्व मंडल को भेजे जाएंगे

     मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ मूल्य संवर्धित कर (संशोधन) विधेयक, 2026 के प्रारूप को मंजूरी दी। जीएसटी लागू होने के बाद वैट से जुड़े अपील मामलों में कमी आने और जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण (जीएसटीएटी) की स्थापना के मद्देनजर वाणिज्यिक कर अधिकरण को समाप्त करने का निर्णय लिया गया है। अधिकरण में लंबित सभी मामलों का स्थानांतरण राजस्व मंडल को किया जाएगा।

जीएसटी कानून होगा और सरल

     कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ माल एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2026 को भी मंजूरी दी। इसका उद्देश्य जीएसटी कानून को सरल बनाना, अनुपालन प्रक्रिया को आसान करना तथा विशेष रूप से निर्यातकों और इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर वाले उद्योगों के लिए रिफंड प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाना है। सरकार का दावा है कि इससे करदाताओं को सुविधा मिलेगी और राजस्व संग्रह में भी वृद्धि होगी।

औद्योगिक निवेश को मिलेगा बढ़ावा

     छत्तीसगढ़ औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन (संशोधन) विधेयक, 2026 के प्रारूप को मंजूरी देते हुए सरकार ने निवेशकों के लिए अधिक अनुकूल वातावरण तैयार करने का निर्णय लिया है। संशोधित प्रावधानों को तैयार करते समय अन्य अग्रणी राज्यों की औद्योगिक नीतियों का भी अध्ययन किया गया है। इससे निवेश प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनने की उम्मीद है।

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस कानून लाने वाला पहला राज्य बनेगा छत्तीसगढ़

     कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (विनिमय-मुक्ति एवं सुविधा) विधेयक, 2026 के प्रारूप को भी मंजूरी दी। सरकार के अनुसार, इस तरह का कानून लागू करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य होगा। विधेयक में डीम्ड परमिशन, स्व-प्रमाणीकरण, तृतीय-पक्ष सत्यापन, जोखिम आधारित निरीक्षण और दोहरे लाइसेंसिंग प्रावधानों को समाप्त करने जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल किए गए हैं। इससे उद्योग स्थापित करने की प्रक्रिया सरल, पारदर्शी, डिजिटल और समयबद्ध होगी तथा निवेश और रोजगार सृजन को गति मिलेगी।

नवा रायपुर में OTS योजना को मंजूरी

     मंत्रिपरिषद ने नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (एनआरडीए) द्वारा आवंटित भूखंडों एवं निर्मित परिसरों पर देय ब्याज और अधिभार में राहत देने के लिए वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) योजना-2026 को मंजूरी दी। इस योजना के तहत पात्र आवंटियों को बकाया राशि का नियमितीकरण, परियोजनाओं को समय पर पूरा करने और आवश्यकता न होने पर भूमि सरेंडर करने का अवसर मिलेगा। सरकार का मानना है कि इससे मुकदमेबाजी कम होगी और नवा रायपुर में निवेश एवं विकास गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

जल प्रदूषण संशोधन अधिनियम को अपनाने का प्रस्ताव

    कैबिनेट ने जल (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) संशोधन अधिनियम, 2024 को छत्तीसगढ़ में लागू करने के लिए विधानसभा में संकल्प प्रस्तुत किए जाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी प्रदान की।