बाराबंकी, 10 जुलाई। उत्तर प्रदेश में कार्यरत नॉन-टीईटी शिक्षकों के लिए विशेष टीईटी परीक्षा जल्द आयोजित की जाएगी। यह जानकारी बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई बैठक में दी।
प्रदेश अध्यक्ष विनय तिवारी और प्रदेश महामंत्री उमाशंकर सिंह के नेतृत्व में शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने अपर मुख्य सचिव से मुलाकात कर मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप विशेष टीईटी परीक्षा शीघ्र कराने की मांग रखी। इस पर अपर मुख्य सचिव ने बताया कि 16 जून को जारी शासनादेश के अनुसार, इसी माह यूपीटीईटी का परिणाम घोषित होने के बाद शेष सेवारत नॉन-टीईटी शिक्षकों से आवश्यक जानकारी प्राप्त कर विशेष टीईटी परीक्षा आयोजित की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य शिक्षकों की सेवाओं को सुरक्षित रखना है और इसी भावना के तहत यह परीक्षा कराई जाएगी।
बैठक के दौरान शिक्षक संघ ने सरकार द्वारा शिक्षकों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करने तथा भारतीय स्टेट बैंक के साथ एमओयू सहित अन्य कर्मचारी हितैषी निर्णयों के लिए आभार भी व्यक्त किया।
इसके साथ ही प्रतिनिधिमंडल ने सरकार के समक्ष कई महत्वपूर्ण मांगें भी रखीं। इनमें 1 अप्रैल 2005 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) का लाभ देने, मध्यान्ह भोजन योजना के बैंक खातों का संचालन विद्यालय प्रबंध समिति के माध्यम से कराने तथा 69 हजार शिक्षक भर्ती में नियुक्त शिक्षकों की सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग प्रमुख रही।
इस अवसर पर प्रांतीय संयुक्त महामंत्री डॉ. अमित सिंह, मंडलीय मंत्री अजय शुक्ला, जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह, हरे कृष्ण दुबे, अमित कुमार मिश्रा, राजेश सिंह ‘टोनी’, बलवंत सिंह, कुलदीप पाठक, संदीप शुक्ला सहित शिक्षक संघ के अन्य पदाधिकारी और प्रतिनिधि मौजूद रहे।




