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राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर कांग्रेस का देशव्यापी अभियान शुरू, सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में CBI जांच की मांग

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नई दिल्ली, 10 जुलाई। अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने शुक्रवार से देशव्यापी जनजागरण अभियान की शुरुआत की। पार्टी ने देश के कई शहरों में एक साथ प्रेस वार्ताएं आयोजित कर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर गंभीर आरोप लगाए तथा पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग की।

   कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि यह मामला केवल आर्थिक अनियमितता तक सीमित नहीं है, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर में चढ़ावे और निर्माण कार्य से जुड़े मामलों में गंभीर गड़बड़ियां हुई हैं और इस पूरे प्रकरण पर प्रधानमंत्री की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। उन्होंने बताया कि पार्टी 12 जुलाई तक देशभर के 50 से अधिक शहरों में प्रेस वार्ताएं आयोजित कर इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाएगी।

    चंडीगढ़ में कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता में कहा कि भगवान राम केवल हिंदुओं के ही नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक और नैतिक चेतना के प्रतीक हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी अत्यंत गंभीर मामला है और इसकी नैतिक तथा प्रशासनिक जिम्मेदारी बीजेपी और आरएसएस को लेनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि मंदिर ट्रस्ट को सूचना के अधिकार (RTI) के दायरे से बाहर रखने से पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं।

    हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष के साथ प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेता शक्तिसिंह गोहिल ने दावा किया कि चोरी के खुलासे से पहले मंदिर में प्रतिदिन 16 से 18 लाख रुपये का चढ़ावा दर्ज होता था, जबकि मामला सामने आने के बाद यह राशि बढ़कर 24 से 26 लाख रुपये प्रतिदिन हो गई। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे प्रतिदिन लगभग 10 लाख रुपये के कथित हेरफेर की आशंका पैदा होती है। गोहिल ने वर्तमान ट्रस्ट को भंग कर नया ट्रस्ट गठित करने, ट्रस्ट के पदाधिकारियों पर कार्रवाई करने तथा सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कराने की मांग की।

    कानपुर में आयोजित प्रेस वार्ता में पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने कहा कि यदि राम मंदिर ट्रस्ट का गठन केंद्र सरकार की देखरेख में हुआ था तो इस पूरे मामले की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सब कुछ पारदर्शी था तो ट्रस्ट से जुड़े कुछ पदाधिकारियों ने अपने पद क्यों छोड़े और कार्रवाई केवल निचले स्तर के कर्मचारियों तक ही क्यों सीमित रही।

    इंदौर में मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने राम मंदिर निर्माण और प्राण-प्रतिष्ठा को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि अब जब कथित अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं तो सरकार अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकती और निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।

    कोयंबटोर में कांग्रेस नेता पल्लम राजू ने कहा कि राम जन्मभूमि आंदोलन से लेकर मंदिर निर्माण और ट्रस्ट के गठन तक केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। ऐसे में यदि वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगे हैं तो सरकार को इस पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

    जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा ने कहा कि राम मंदिर के निर्माण और प्राण-प्रतिष्ठा का श्रेय लेने वाले लोगों को अब इस विवाद पर भी अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कथित चोरी की घटना से करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई हैं।

     लखनऊ में सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि राम मंदिर से जुड़ी कथित चोरी की घटनाओं ने देश और विदेश में रहने वाले राम भक्तों को चिंतित किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि मंदिर से जुड़े सभी बड़े फैसलों का राजनीतिक श्रेय लिया गया था, तो अब इस मामले में जवाबदेही तय क्यों नहीं की जा रही है।

    कांग्रेस ने घोषणा की है कि उसका जनजागरण अभियान आगामी दिनों में और तेज किया जाएगा। पार्टी का कहना है कि वह देशभर में प्रेस वार्ताओं और जनसंपर्क कार्यक्रमों के माध्यम से इस मुद्दे को उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में CBI जांच की मांग को प्रमुखता से जनता के सामने रखेगी।