कवर्धा, 11 जुलाई। कबीरधाम जिले के भोरमदेव अभ्यारण्य में प्रकृति संरक्षण और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने शुक्रवार को वन महोत्सव एवं भोरमदेव इको-ट्रेल का शुभारंभ किया।
उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि भोरमदेव अभ्यारण्य में जंगल सफारी शुरू होने के बाद पर्यटकों को जंगल के भीतर प्राकृतिक वातावरण का करीब से अनुभव करने का अवसर मिल रहा है। अब इको-ट्रेल की शुरुआत से पर्यटक घने जंगलों, वन्यजीवों और प्राकृतिक सौंदर्य के बीच एक नया एवं रोमांचक अनुभव प्राप्त कर सकेंगे।
उन्होंने कहा कि पर्यटन विश्व का सबसे तेजी से विकसित होने वाला क्षेत्र है और रोजगार सृजन में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। भोरमदेव में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार से होटल, परिवहन, खान-पान, हस्तशिल्प सहित स्थानीय व्यवसायों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए नेचर गाइड समेत विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि भोरमदेव का सतत विकास तभी संभव है, जब स्थानीय लोग इसे अपनी धरोहर मानकर इसके संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी निभाएं। उन्होंने सभी से पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन स्थलों को स्वच्छ बनाए रखने की अपील की।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की स्वदेश दर्शन योजना के तहत भोरमदेव क्षेत्र के समग्र पर्यटन विकास के लिए 146 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस राशि से प्रवेश द्वार, शेड, संग्रहालय, आधुनिक पार्क, पार्किंग, मेला स्थल, छेरकी महल, मड़वा महल, रामचूंआ और सरोदा बांध सहित विभिन्न पर्यटन स्थलों का विकास किया जा रहा है। परियोजनाएं पूरी होने के बाद भोरमदेव राष्ट्रीय स्तर के प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित होगा।
वन विभाग द्वारा विकसित भोरमदेव इको-ट्रेल लगभग छह किलोमीटर लंबी है, जिसे पूरा करने में तीन से चार घंटे का समय लगता है। इस दौरान पर्यटक प्राकृतिक वन क्षेत्र, पक्षियों और तितलियों का अवलोकन, औषधीय वनस्पतियों की जानकारी तथा प्रशिक्षित नेचर गाइड के साथ सुरक्षित जंगल भ्रमण का अनुभव प्राप्त करेंगे।
वन महोत्सव के अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने करियाआमा ग्राम में 51 काला आम के पौधों का रोपण कर काला आम उपवन की स्थापना की। इसके साथ ही जिलेभर में 50 हजार सीड बॉल अभियान और एक लाख पौधों के वितरण अभियान का शुभारंभ किया। पौधों के वितरण के लिए ई-रिक्शा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। कार्यक्रम में बैगा समुदाय के 100 हितग्राहियों को सोलर लालटेन एवं जैकेट भी वितरित किए गए।
वन मंडलाधिकारी निखिल अग्रवाल ने बताया कि भोरमदेव इको-ट्रेल का संचालन करियाआमा गेट स्थित भोरमदेव इको कैंप से प्रत्येक शनिवार और रविवार को किया जाएगा। प्रतिभागियों को अनुभवी नेचर गाइड के साथ जंगल भ्रमण कराया जाएगा, जहां उन्हें पेड़-पौधों, औषधीय वनस्पतियों, पक्षियों, तितलियों, वन्यजीवों, स्थानीय भोजन और भोरमदेव मंदिर विरासत परिसर की जानकारी दी जाएगी। इको-ट्रेल में भाग लेने के लिए प्रति व्यक्ति 1,000 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष विशेषर पटेल, छत्तीसगढ़ कृषक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष सुरेश चंद्रवंशी, पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण के सदस्य भगत पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, जिला पंचायत सदस्य राम कुमार भट्ट, डॉ. वीरेन्द्र साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।




