रायपुर, 14 जुलाई।छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि दशकों तक नक्सल हिंसा की चुनौती झेलने वाला राज्य अब केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों, सुरक्षा बलों के अदम्य साहस तथा बस्तर की जनता के सहयोग से शांति, सुरक्षा और विकास के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। नक्सलवाद के खिलाफ मिली यह सफलता वर्षों की सुनियोजित रणनीति, सुरक्षा अभियानों और आम नागरिकों के विश्वास का परिणाम है।
मुख्यमंत्री ने आज विधानसभा में नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका त्याग सदैव देश को प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, छत्तीसगढ़ पुलिस, जिला पुलिस बल और अभियान में शामिल सभी सुरक्षा एजेंसियों की वीरता, समर्पण और पेशेवर दक्षता की सराहना की।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लिए सुरक्षा और विकास को साथ लेकर चलने की रणनीति अपनाई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में सुरक्षा अभियानों की लगातार समीक्षा, संसाधनों की उपलब्धता और केंद्र-राज्य के बीच बेहतर समन्वय से अभियान को नई गति मिली।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 24 अगस्त 24 को रायपुर में नक्सल प्रभावित राज्यों के पुलिस महानिदेशकों की उच्चस्तरीय बैठक के बाद नक्सलवाद के समूल उन्मूलन के लिए समयबद्ध कार्ययोजना बनाई गई। इसके तहत सुरक्षा अभियानों को तेज करने के साथ-साथ विकास कार्यों को भी समान प्राथमिकता दी गई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने भी नियमित समीक्षा की और स्वयं बस्तर का लगातार दौरा कर सुरक्षा बलों का उत्साहवर्धन किया तथा ग्रामीणों से संवाद स्थापित किया।
उन्होंने कहा कि सरकार ने हिंसा का रास्ता छोड़ने वाले नक्सलियों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए व्यापक और मानवीय पुनर्वास नीति लागू की है। इसके तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों को आर्थिक सहायता, भूमि, कौशल विकास प्रशिक्षण, स्वरोजगार और सम्मानजनक जीवन के अवसर उपलब्ध कराए गए, जिससे बड़ी संख्या में लोगों ने सामान्य जीवन अपनाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद से मुक्ति के साथ ही सरकार का पूरा ध्यान अब बस्तर के समग्र और दीर्घकालिक विकास पर केंद्रित है। इसके लिए ‘बस्तर रोडमैप 2.0’ तैयार किया गया है, जिसके माध्यम से बस्तर को देश के अग्रणी जनजातीय संभाग के रूप में विकसित करने की दिशा में योजनाबद्ध कार्य किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ और ‘बस्तर मुन्ने अभियान’ के तहत 31 योजनाओं तथा 14 सामुदायिक सुविधाओं का संतृप्तिकरण मोड में क्रियान्वयन किया जा रहा है। इससे 5,542 गांवों के 39 लाख से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। वहीं सुरक्षा शिविरों को ‘शहीद गुंडाधुर सेवा डेरा’ के रूप में विकसित कर नागरिक सुविधाओं, जनसेवाओं और आजीविका गतिविधियों के केंद्र बनाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ के तहत 34 लाख से अधिक लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उनका डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार किया गया है। साथ ही ‘नियद नेल्ला नार’ योजना के माध्यम से सुरक्षा कैंपों के 10 किलोमीटर के दायरे में आने वाले 525 गांवों में 17 विभागों की 43 योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि बस्तर में सरकारी योजनाओं के संतृप्तिकरण के लिए विशेष अभियान चलाया गया है। इसके तहत 6.79 लाख राशन कार्ड, 17 लाख जनधन खाते, 24.66 लाख आधार कार्ड, 22 लाख आयुष्मान कार्ड, 1.18 लाख व्यक्तिगत वनाधिकार पत्र और 3.89 लाख किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर संभाग में 1.76 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों और आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए 15 हजार अतिरिक्त आवास स्वीकृत किए गए हैं। शिक्षा के क्षेत्र में 240 नक्सल प्रभावित गांवों के 458 बंद स्कूलों में से 421 स्कूल दोबारा शुरू किए गए हैं तथा 36 नए विद्यालयों की स्वीकृति दी गई है।
उन्होंने कहा कि बस्तर में आधारभूत ढांचे का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। 3,513 करोड़ रुपये की लागत से जगदलपुर-रावघाट रेल परियोजना पर काम जारी है, जबकि जगदलपुर की हवाई सेवाओं का भी विस्तार किया गया है। रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस-वे का निर्माण अंतिम चरण में है, जिससे क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार और निवेश को नई गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को रोजगारोन्मुख बनाने के लिए सभी विकासखंडों में कौशल प्रशिक्षण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। वहीं बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों के माध्यम से युवाओं को सकारात्मक दिशा देने का प्रयास किया गया, जिनमें 4 लाख से अधिक लोगों ने भागीदारी की।
उन्होंने नक्सल उन्मूलन अभियान में उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप और जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव के योगदान की भी सराहना की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल आधारभूत सुविधाओं का विस्तार करना नहीं, बल्कि बस्तर के लोगों के जीवन स्तर में स्थायी सुधार लाना है। सुरक्षा, विकास और जनकल्याण की एकीकृत रणनीति के माध्यम से बस्तर अब विश्वास, अवसर और समृद्धि की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है।




