नई दिल्ली, 25 जुलाई। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले एक महीने से अधिक समय से चल रहे अपने धरना-प्रदर्शन को समाप्त करने की घोषणा कर दी है। संगठन ने आंदोलन में शामिल सभी प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्वक अपने-अपने घर लौटने की अपील की है।
दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ हुई बैठक के बाद CJP और केंद्र सरकार की ओर से संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। संगठन के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका ने बताया कि सरकार के साथ हुई बातचीत सकारात्मक रही और उनकी प्रमुख मांगों पर सहमति बनने के बाद आंदोलन वापस लेने का निर्णय लिया गया।
संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय मंत्रियों और CJP के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि आंदोलन में शामिल प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। साथ ही दिल्ली और अन्य राज्यों में आंदोलन के दौरान दर्ज मामलों के संबंध में भी सरकार आवश्यक कानूनी प्रक्रिया अपनाएगी तथा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर को निरस्त करने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी।
CJP ने दावा किया कि सरकार ने संगठन की तीन प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया है। इनमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, नीट पेपर लीक प्रकरण के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा तथा आंदोलनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों और एफआईआर को समाप्त करने की प्रक्रिया शामिल है।
बैठक के बाद यह भी तय हुआ कि चार सप्ताह बाद CJP के प्रतिनिधिमंडल की केंद्रीय मंत्रियों के साथ एक और बैठक होगी। इस बैठक में देश की शिक्षा व्यवस्था, नीट सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता, परीक्षा प्रणाली में सुधार और छात्रों से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।




