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महिला पहलवान यौन उत्पीड़न मामला: बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर दिल्ली कोर्ट से बरी

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नई दिल्ली, 03 अगस्त। भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के पूर्व अध्यक्ष और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह को महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए कथित यौन उत्पीड़न के मामले में दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने बरी कर दिया है। अदालत ने इस मामले में सह-आरोपी विनोद तोमर को भी सभी आरोपों से मुक्त कर दिया।

      राउज़ एवेन्यू कोर्ट के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अश्विनी पंवार ने अभियोजन पक्ष, शिकायतकर्ता पक्ष और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद सोमवार को फैसला सुनाया। मामले की सुनवाई बंद कमरे (इन-कैमरा) में की गई। शिकायतकर्ता महिला पहलवानों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रेबेका जॉन ने पैरवी की, जबकि बृजभूषण शरण सिंह का पक्ष अधिवक्ता राजीव मोहन ने रखा।

     गौरतलब है कि मई 2024 में अदालत ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न सहित विभिन्न आरोप तय किए थे। हालांकि एक शिकायतकर्ता से जुड़े मामले में उन्हें उसी समय आरोपमुक्त कर दिया गया था। वहीं सह-आरोपी विनोद तोमर पर एक शिकायतकर्ता को कथित रूप से आपराधिक धमकी देने का आरोप था।

     दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने, यौन उत्पीड़न, पीछा करने (स्टॉकिंग) और आपराधिक धमकी से संबंधित भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप पत्र दाखिल किया था। वहीं विनोद तोमर पर आपराधिक धमकी देने और कथित रूप से उकसाने के आरोप लगाए गए थे। अभियोजन के अनुसार कथित घटनाएं वर्ष 2016 से 2019 के बीच डब्ल्यूएफआई कार्यालय, बृजभूषण सिंह के आधिकारिक आवास और विदेश दौरों के दौरान हुई थीं।

     इस मामले से जुड़ा एक अलग पॉक्सो (POCSO) प्रकरण, जिसमें एक नाबालिग पहलवान ने शिकायत दर्ज कराई थी, पहले ही दिल्ली पुलिस की कैंसिलेशन रिपोर्ट स्वीकार होने के बाद बंद हो चुका है।

महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में रहा था। न्याय की मांग को लेकर कई प्रमुख पहलवानों ने लंबे समय तक प्रदर्शन किया था, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने जांच कर अदालत में आरोप पत्र पेश किया था।