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तीन राज्यों के उपचुनाव परिणाम: बांकीपुर में प्रशांत किशोर का बड़ा उलटफेर, दतिया कांग्रेस के खाते में, मंजलपुर में भाजपा की प्रचंड जीत

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नई दिल्ली, 03 अगस्त। बिहार की बांकीपुर, मध्य प्रदेश की दतिया और गुजरात की मंजलपुर विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनावों के नतीजे सोमवार को घोषित हो गए। तीनों सीटों पर 30 जुलाई को मतदान हुआ था।

    परिणामों में जहां बिहार के बांकीपुर में जनसुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर (पीके) ने भाजपा के लंबे समय से चले आ रहे गढ़ को ध्वस्त करते हुए ऐतिहासिक जीत दर्ज की, वहीं मध्य प्रदेश की दतिया सीट कांग्रेस ने अपने कब्जे में बरकरार रखी। दूसरी ओर गुजरात की मंजलपुर सीट पर भाजपा ने बड़ी जीत हासिल कर अपनी मजबूत पकड़ कायम रखी।

    बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर प्रशांत किशोर ने भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार को 18,953 मतों से हराया। यह सीट वर्ष 1995 से भाजपा के कब्जे में थी और प्रशांत किशोर की यह पहली चुनावी जीत भी है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार इस परिणाम को बिहार की राजनीति में एक बड़े बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

     मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने भाजपा के आशुतोष तिवारी को 6,016 मतों से पराजित कर सीट अपने कब्जे में बरकरार रखी।

    वहीं गुजरात की मंजलपुर विधानसभा सीट पर भाजपा उम्मीदवार सतीश (सतेन्द्रभाई) पटेल ने कांग्रेस प्रत्याशी को 30,630 मतों के बड़े अंतर से हराकर पार्टी का गढ़ सुरक्षित रखा।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

     बांकीपुर में जीत के बाद प्रशांत किशोर ने इसे जनता की जीत बताते हुए कहा कि उन्होंने “30 वर्षों से भाजपा के कब्जे वाली सीट को 30 दिनों के अभियान में जीत लिया।” उन्होंने कहा कि यह परिणाम बिहार की राजनीति में बदलाव का संकेत है और जनता ने नई राजनीति पर भरोसा जताया है।

    भाजपा ने बांकीपुर में मिली हार को स्वीकार करते हुए कहा कि पार्टी जनादेश का सम्मान करती है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि पार्टी हार के कारणों की विस्तृत समीक्षा करेगी और संगठन को और मजबूत बनाया जाएगा।

    दतिया में कांग्रेस की जीत पर पार्टी नेताओं ने इसे प्रदेश सरकार की नीतियों के खिलाफ जनता का फैसला बताया। उनका कहना है कि यह परिणाम दर्शाता है कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस की पकड़ मजबूत बनी हुई है और मतदाताओं ने स्थानीय मुद्दों पर पार्टी का समर्थन किया है।

     उधर, गुजरात में मंजलपुर सीट पर मिली बड़ी जीत को भाजपा ने राज्य सरकार की विकास नीतियों और संगठन की मजबूती पर जनता की मुहर बताया। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह परिणाम गुजरात में भाजपा के प्रति मतदाताओं के निरंतर विश्वास को दर्शाता है।

     राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तीनों राज्यों के उपचुनावों के नतीजों ने अलग-अलग राजनीतिक संदेश दिए हैं। बिहार में भाजपा को बड़ा झटका लगा है, मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने अपनी स्थिति मजबूत बनाए रखी है, जबकि गुजरात में भाजपा ने अपनी संगठनात्मक ताकत का प्रदर्शन करते हुए बड़ी जीत दर्ज की है। आगामी विधानसभा चुनावों की दृष्टि से इन परिणामों को सभी प्रमुख दलों के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत माना जा रहा है।