रायपुर, 5 अगस्त। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय में आयोजित राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में औद्योगिक विकास, अधोसंरचना, वित्तीय प्रबंधन और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों का उद्देश्य राज्य में निवेश को बढ़ावा देना, शासन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाना और विकास कार्यों में गति लाना है।
छत्तीसगढ़ में लगेगा BEML का पहला हैवी अर्थ मूविंग इक्विपमेंट संयंत्र
कैबिनेट ने भारत सरकार के मिनीरत्न सार्वजनिक उपक्रम भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) को रियायती दर पर भूमि आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। राज्य में स्थापित होने वाला यह पहला हैवी अर्थ मूविंग इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग प्लांट होगा। इसके शुरू होने से छत्तीसगढ़ को देश के औद्योगिक मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी। साथ ही बड़े निवेश आकर्षित होंगे, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और एमएसएमई क्षेत्र को भी प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
लोक निर्माण विभाग में लागू होगा डिजिटल WAMIS सिस्टम
कैबिनेट ने लोक निर्माण विभाग में वर्क्स एंड अकाउंट मैनेजमेंट इन्फॉर्मेशन सिस्टम (WAMIS) के प्रथम चरण को मंजूरी दी है। सी-डैक, पुणे द्वारा विकसित इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से कार्यों की स्वीकृति, ई-प्राक्कलन, ई-प्रोक्योरमेंट, ई-मेजरमेंट बुक, बिल भुगतान, लेखा प्रबंधन और गुणवत्ता निगरानी जैसी सभी प्रक्रियाएं एकीकृत रूप से संचालित होंगी। प्रारंभ में इसे लोक निर्माण विभाग में लागू किया जाएगा, बाद में अन्य निर्माण एवं अधोसंरचना विभागों तक इसका विस्तार किया जाएगा। इससे निर्माण कार्यों में पारदर्शिता, त्वरित भुगतान और रियल-टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित होगी।
मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजना में संशोधन
मंत्रिपरिषद ने मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजना के दिशा-निर्देशों में महत्वपूर्ण बदलावों को मंजूरी दी है। अब ग्रामीण आंतरिक गलियों में सीसी सड़क और नाली निर्माण किया जा सकेगा तथा सड़क निर्माण से पहले मनरेगा के तहत मिट्टी कार्य कराने की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। योजना का दायरा बढ़ाकर उन सभी ग्रामीण मार्गों को शामिल किया गया है जो प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अथवा अन्य योजनाओं में शामिल नहीं हैं। आवश्यकता अनुसार नाबार्ड, पर्यावरण एवं अधोसंरचना विकास मद तथा जिला खनिज न्यास सहित अन्य स्रोतों से भी वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराए जा सकेंगे।
अंजोर विजन-2047 के लिए ADB देगा 15 करोड़ रुपये का अनुदान
कैबिनेट ने एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) से “अंजोर LIGHT” तकनीकी सहायता परियोजना के लिए 15 करोड़ रुपये का पूर्ण अनुदान स्वीकार करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। यह परियोजना तीन वर्षों तक संचालित होगी और इसमें राज्य या केंद्र सरकार को कोई वित्तीय अंशदान नहीं देना होगा।
परियोजना के तहत सार्वजनिक वित्त प्रबंधन को मजबूत करने, पीपीपी इकोसिस्टम विकसित करने, ग्रीन एवं ब्लेंडेड फाइनेंस को बढ़ावा देने, सार्वजनिक उपक्रमों की कार्यक्षमता सुधारने तथा जलवायु अनुकूल परियोजनाओं की योजना तैयार करने जैसे कार्य किए जाएंगे। इसके लिए एक परियोजना प्रबंधन इकाई (PMU) भी स्थापित की जाएगी।
राज्य योजनाओं में लागू होगा S-SNA मॉडल
राज्य सरकार ने राज्य योजनाओं के लिए स्टेट सिंगल नोडल एजेंसी (S-SNA) मॉडल लागू करने का निर्णय लिया है। इस व्यवस्था के तहत योजनाओं की राशि अलग-अलग खातों में निष्क्रिय रखने के बजाय एक केंद्रीकृत मदर अकाउंट के माध्यम से आवश्यकता अनुसार सीधे हितग्राहियों और वेंडरों को भुगतान किया जाएगा।
नई व्यवस्था से वित्तीय अनुशासन मजबूत होगा, योजनाओं की रियल-टाइम निगरानी संभव होगी और गबन तथा बैंकिंग धोखाधड़ी जैसी संभावनाओं पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा। साथ ही राज्य के नकदी प्रबंधन में सुधार होगा और उपलब्ध वित्तीय संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा।
CSPGCL को 200 करोड़ रुपये तक के बॉन्ड जारी करने की मंजूरी
मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड (CSPGCL) को 200 करोड़ रुपये तक के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) अथवा बॉन्ड जारी कर स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध कराने की मंजूरी दी है। इस फैसले से कंपनी को वित्तीय संसाधन जुटाने के नए विकल्प मिलेंगे और राज्य में बिजली क्षेत्र की अधोसंरचना के विकास को गति मिलेगी।
इस प्रक्रिया के लिए राज्य सरकार मूलधन और ब्याज भुगतान पर गारंटी प्रदान करेगी तथा प्रत्याभूति शुल्क में भी छूट देगी। कंपनी के संचालक मंडल को लिस्टिंग से जुड़े आवश्यक निर्णय लेने और ऊर्जा विभाग को आवश्यक निर्देश जारी करने का अधिकार भी दिया गया है।



