रायपुर, 5 अगस्त। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुधवार को राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा के वर्ष 2025 बैच के प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टरों से सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने नवचयनित अधिकारियों को उनके प्रशासनिक दायित्वों के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रशासनिक सेवा में चयन केवल एक उपलब्धि है, लेकिन इसकी वास्तविक सार्थकता जनसेवा, सुशासन और शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी शासन और आम जनता के बीच सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। उनके निर्णय, कार्यशैली और व्यवहार से ही लोगों का शासन पर भरोसा मजबूत होता है। इसलिए प्रत्येक अधिकारी को संवेदनशीलता, पारदर्शिता, ईमानदारी और जवाबदेही को अपने कार्य का आधार बनाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से जमीनी स्तर पर लोगों की समस्याओं को समझने और उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है। यहां उपलब्ध खनिज, वन संपदा, उर्वर भूमि और ऊर्जा क्षमता का बेहतर उपयोग कर प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक नक्सलवाद प्रदेश के विकास में बड़ी बाधा रहा, लेकिन केंद्र और राज्य सरकार की समन्वित रणनीति, सुरक्षा बलों के साहस और जनता के विश्वास के चलते अब नक्सलवाद समाप्त हो चुका है। इसके परिणामस्वरूप पहले से उपेक्षित क्षेत्रों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पेयजल सहित मूलभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षु अधिकारियों से विशेष रूप से दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में पूरी संवेदनशीलता और समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में केवल प्रशासनिक दायित्व निभाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प भी आवश्यक है। जनजातीय समाज के शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और समग्र विकास में प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के संचालक टी.सी. महावर ने बताया कि वर्ष 2025 बैच के राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारियों का इंडक्शन प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। अब सभी प्रशिक्षु अधिकारियों की विभिन्न जिलों में डिप्टी कलेक्टर के रूप में पदस्थापना की जाएगी, जहां वे शासन के विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करेंगे। उन्होंने बताया कि इस बैच में कुल सात प्रशिक्षु अधिकारी शामिल हैं।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के संयुक्त संचालक श्रीमती मेनका प्रधान सहित प्रशासन अकादमी के अधिकारी एवं प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टर उपस्थित रहे।


