नई दिल्ली, 11 अगस्त। संसद के मानसून सत्र के दौरान मंगलवार को ‘चढ़ावा चोरी’ के आरोप और झारखंड में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिली। समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव, सांसद डिंपल यादव और राम गोपाल यादव ने सरकार पर सवाल उठाए। वहीं, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी और गौरव गोगोई ने भी केंद्र सरकार तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को निशाने पर लिया।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने परीक्षा से जुड़े विवाद और राम मंदिर के मुद्दे को एक-दूसरे से जोड़ते हुए कहा कि दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग अंडरग्राउंड रहकर और बिना रजिस्ट्रेशन के काम कर रहे हैं तथा किसी न किसी तरीके से अपनी गतिविधियां जारी रखना चाहते हैं।
अखिलेश यादव ने कहा कि यदि शिक्षा और परीक्षाओं के जरिए काम नहीं बन रहा है तो अयोध्या के जरिए काम करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कथित साजिश और फोन कॉल्स का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि यदि एक ही दिन में बड़ी संख्या में कॉल किए गए तो क्या सरकार को इसकी जानकारी नहीं थी।
उन्होंने यह भी कहा कि अयोध्या आने वाले छात्रों और युवाओं का डेटा किसी नेटवर्क के माध्यम से जुटाए जाने की बात सामने आ रही है। भविष्य में इस डेटा का इस्तेमाल किस तरह किया जा सकता है, यह स्पष्ट नहीं है। अखिलेश ने कहा कि परीक्षा और राम मंदिर से जुड़े दोनों मामलों का स्रोत एक ही है और संसद में दोनों मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए।
झारखंड में छात्रों के आंदोलन के मुद्दे पर अखिलेश यादव ने बातचीत को समाधान का रास्ता बताया। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों के साथ लगातार संवाद करना चाहिए। उनके मुताबिक मुख्यमंत्री और राज्य सरकार भी छात्रों से बातचीत के लिए तैयार होने की बात कह चुकी है।
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने संसद परिसर में बीजेपी सांसदों के विरोध-प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने पहली बार देखा है कि सत्ताधारी पार्टी के सांसद खुद विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कम से कम विपक्ष ने उन्हें ऐसा करने के लिए मजबूर तो किया।प्रियंका गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सदन में आकर बयान देने की मांग की।
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने भी बीजेपी के विरोध-प्रदर्शन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा के मुद्दे पर सदन में दो दिन चर्चा हुई, जिसमें राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने अपनी बात रखी और सरकार की ओर से भी कई वक्तव्य दिए गए।
गोगोई ने सवाल किया कि उस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कहां थे और उन्होंने चर्चा में हिस्सा क्यों नहीं लिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष पिछले 15 दिनों से गृह मंत्री के सदन में आकर जवाब देने की मांग कर रहा है।
कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि जब चर्चा हुई, तब अमित शाह सदन में मौजूद नहीं थे और अब सदन के अंतिम समय में चर्चा की मांग की जा रही है। उन्होंने कहा कि संसद किसी एक पक्ष की ‘पाठशाला’ या ‘कार्यशाला’ नहीं, बल्कि जिम्मेदारी निभाने का मंच है।
सपा सांसद डिंपल यादव ने संसद में दोनों मुद्दों पर चर्चा की मांग की। उन्होंने कहा कि ‘चढ़ावा चोरी’ का मामला भारतीय संस्कृति और आस्था से जुड़ा है, इसलिए इस पर सदन के भीतर चर्चा होनी चाहिए।
उन्होंने 20 जुलाई को छात्रों के साथ हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा भी उठाया। डिंपल यादव ने दावा किया कि एक आरटीआई रिपोर्ट में करीब 10 बच्चों के पैलेट गन से घायल होने की बात सामने आई है, जबकि सरकार की ओर से पैलेट गन का इस्तेमाल नहीं किए जाने का दावा किया गया था।
उन्होंने कहा कि यदि आरटीआई के जरिए इससे अलग जानकारी सामने आई है तो सरकार को इस पर सदन में जवाब देना चाहिए। डिंपल यादव ने आरोप लगाया कि युवाओं और बच्चों की स्थिति चिंताजनक है और सरकार को दोनों मामलों पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।




