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दुर्ग में क्रांतिकारी सुखदेव राज की प्रतिमा स्थापित, स्कूल पाठ्यक्रम में जीवनगाथा शामिल करने की मांग

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दुर्ग, 25 अगस्त। भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ की दुर्ग जिला इकाई ने सामाजिक सरोकार और राष्ट्रनायकों के सम्मान की दिशा में पहल करते हुए महान क्रांतिकारी सुखदेव राज की प्रतिमा शासकीय आदर्श कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, दुर्ग परिसर में स्थापित की है। क्रांतिकारी शिवराम राजगुरु की जयंती के अवसर पर सोमवार को आयोजित समारोह में छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा मंत्री एवं दुर्ग शहर विधायक गजेंद्र यादव ने प्रतिमा का अनावरण किया।

      सुखदेव राज महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद के निकट सहयोगी रहे थे। उन्होंने अपने जीवन का अंतिम समय दुर्ग जिले में समाजसेवा और कुष्ठ रोगियों की सेवा करते हुए बिताया।

      समारोह में दुर्ग लोकसभा सांसद विजय बघेल, अहिवारा विधायक डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, दुर्ग नगर निगम की महापौर अलका बाघमार तथा भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय महामंत्री वीरेंद्र नामदेव सहित बड़ी संख्या में नागरिक और संगठन के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

       कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन से हुई। इसके बाद स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने रिमोट का बटन दबाकर प्रतिमा का अनावरण किया। उपस्थित लोगों ने क्रांतिकारी सुखदेव राज को श्रद्धांजलि अर्पित की।

       इस अवसर पर पेंशनर्स महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र नामदेव ने स्कूल शिक्षा मंत्री को ज्ञापन सौंपकर सुखदेव राज की जीवनगाथा और राष्ट्र एवं समाजसेवा में उनके योगदान को स्कूल पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सुखदेव राज का जीवन त्याग, संघर्ष, राष्ट्रप्रेम और समाजसेवा की प्रेरणादायी मिसाल है। नई पीढ़ी को ऐसे राष्ट्रनायकों के जीवन से परिचित कराना जरूरी है।

       मंत्री गजेंद्र यादव ने मांग पर सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया। प्रतिमा के संरक्षण और सुरक्षा के लिए उन्होंने प्रतिमा स्थल पर शेड निर्माण कराने की घोषणा भी की।

       समारोह को संबोधित करते हुए यादव ने पेंशनर्स महासंघ की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे महापुरुषों की स्मृतियों को जीवंत रखना समाज की जिम्मेदारी है। विद्यालय परिसर में स्थापित प्रतिमा विद्यार्थियों को राष्ट्रप्रेम और समाजसेवा की प्रेरणा देगी।

       सांसद विजय बघेल ने कहा कि सुखदेव राज आचार्य विनोबा भावे के भूदान आंदोलन के सिलसिले में दुर्ग आए थे और बाद में यहीं के होकर रह गए। उन्होंने कुष्ठ रोगियों की सेवा का उल्लेखनीय कार्य किया। उन्होंने कहा कि कन्या विद्यालय परिसर में उनकी प्रतिमा स्थापित होने से छात्राओं को सेवा, समर्पण और सामाजिक जिम्मेदारी की प्रेरणा मिलेगी।

       महापौर अलका बाघमार ने प्रतिमा स्थापना के लिए पेंशनर्स महासंघ का आभार जताया। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद भी पेंशनर्स सामाजिक और राष्ट्रीय दायित्वों के निर्वहन में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

        महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय महामंत्री वीरेंद्र नामदेव ने कहा कि संगठन पेंशनरों के अधिकारों और समस्याओं के लिए संघर्ष करने के साथ समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी भी निभा रहा है। सुखदेव राज की प्रतिमा स्थापना इसी सामाजिक प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

       समारोह में जिला अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बी.के. वर्मा द्वारा क्रांतिकारी सुखदेव राज के जीवन पर लिखी पुस्तक एक गुमनाम स्वामी-क्रांतिवीर सुखदेव राज’ का विमोचन भी किया गया। पुस्तक में उनके जीवन, संघर्ष तथा राष्ट्र और समाजसेवा में योगदान को सामने लाने का प्रयास किया गया है।

       कार्यक्रम को जिला महासचिव पी.आर. साहू सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर प्रदेश महामंत्री प्रवीण कुमार त्रिवेदी, संगठन मंत्री टी.पी. सिंह, कोषाध्यक्ष बी.एस. दसमेर, अनिल पाठक, दुर्ग संभाग अध्यक्ष बी.एल. गजपाल, रायपुर जिला अध्यक्ष आर.जी. बोहरे, सचिव ओ.डी. शर्मा, आर.के. दीक्षित सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।

      कार्यक्रम का संचालन ममता ध्रुव ने किया तथा आभार प्रदर्शन बी.के. शर्मा ने किया। सुखदेव राज की प्रतिमा स्थापना से विद्यालय परिसर में विद्यार्थियों को राष्ट्रप्रेम, त्याग, सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी की प्रेरणा मिलने की उम्मीद है।