बालोद, 25 अगस्त। रक्षाबंधन के पावन पर्व से पहले मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश की माताओं-बहनों को बड़ी सौगात दी। डौंडीलोहारा के लाल रघुवीर सिंह स्टेडियम में आयोजित महतारी वंदन सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने प्रदेश की 67 लाख 28 हजार 918 महिलाओं के बैंक खातों में योजना की 31वीं किस्त के रूप में 631 करोड़ 38 लाख 37 हजार 700 रुपये की राशि अंतरित की। इसमें बालोद जिले के 2 लाख 45 हजार 28 हितग्राही शामिल हैं।
मुख्यमंत्री साय ने बहनों को रक्षाबंधन की अग्रिम बधाई देते हुए कहा कि माताओं-बहनों के चेहरे की मुस्कान, उनका आत्मविश्वास और उनका आशीर्वाद ही सरकार की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन को ध्यान में रखते हुए सितंबर माह की किस्त भी 25 अगस्त को ही जारी की गई है, ताकि बहनें त्योहार की खुशियां अपने परिवार के साथ उत्साहपूर्वक मना सकें।
बहनों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री, सुने अनुभव
समारोह में मुख्यमंत्री का माताओं-बहनों ने आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री भी उनके बीच पहुंचे और महिलाओं से सीधे संवाद कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने महतारी वंदन योजना से उनके जीवन में आए बदलावों और योजना की राशि के उपयोग के बारे में जानकारी ली।
हितग्राही महिलाओं ने बताया कि योजना से मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता ने उनकी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में मदद की है। इसके साथ ही उन्हें परिवार के आर्थिक फैसलों में अपनी भूमिका मजबूत करने और भविष्य के लिए बचत करने का आत्मविश्वास भी मिला है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब कोई महिला महतारी वंदन की राशि को परिवार की जरूरतों, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण पर खर्च करती है, बचत करती है या स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ाती है, तो यही इस योजना की वास्तविक सफलता है।
आर्थिक सहायता से बढ़ रहा आत्मविश्वास
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना महज हर महीने मिलने वाली आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है। इस योजना ने महिलाओं में आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की भावना को मजबूत किया है। अब माताओं-बहनों को अपनी छोटी-छोटी आवश्यकताओं के लिए पूरी तरह दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता।
उन्होंने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की महिलाओं के बैंक खातों में करीब 20 हजार करोड़ रुपये की राशि अंतरित की जा चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा छत्तीसगढ़ की माताओं-बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की गारंटी को राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ लागू कर रही है।
13.85 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए राज्य में अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। छत्तीसगढ़ में अब तक लक्ष्य से अधिक 13 लाख 85 हजार महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं विभिन्न आजीविका गतिविधियों और छोटे-बड़े उद्यमों के जरिए आर्थिक रूप से मजबूत होने के साथ अपनी अलग पहचान भी बना रही हैं।
उन्होंने कहा कि महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता केवल उनके व्यक्तिगत जीवन में बदलाव नहीं लाती, बल्कि इसका सकारात्मक असर पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है। आर्थिक रूप से सक्षम महिला परिवार के भविष्य को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
ड्रोन दीदी बन रहीं नई पहचान
मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण के बदलते स्वरूप का उल्लेख करते हुए ड्रोन दीदी पहल की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की महिलाएं अब आधुनिक तकनीक से जुड़कर कृषि क्षेत्र में भी नई भूमिका निभा रही हैं। ड्रोन के जरिए खेतों में खाद और अन्य कृषि आदानों का छिड़काव कर महिलाएं किसानों को सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं और इससे आय भी अर्जित कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि पारंपरिक भूमिकाओं से आगे बढ़कर महिलाएं तकनीक, उद्यमिता और स्वरोजगार के नए क्षेत्रों में कदम रख रही हैं। यही बदलाव विकसित और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव तैयार करेगा।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश की हर माता-बहन आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बने, उसके सपनों को पंख मिलें और उसकी सफलता से पूरा परिवार सशक्त हो। महतारी वंदन योजना के माध्यम से आर्थिक सहयोग से लेकर लखपति दीदी और ड्रोन दीदी जैसी पहलों तक महिलाओं को आगे बढ़ाने की यह कोशिश प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की नई तस्वीर गढ़ रही है।




