नई दिल्ली, 03 सितम्बर। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस की सभा के बाद कथित तौर पर किए गए ‘शुद्धीकरण’ को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की चुप्पी पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि यह केवल कांग्रेस या उनके पद से जुड़ा मामला नहीं, बल्कि दलित समाज के करोड़ों लोगों की भावनाओं से जुड़ा विषय है।
श्री खड़गे ने आज कहा कि हल्द्वानी की घटना को लेकर अब तक कार्रवाई नहीं होना चिंताजनक है। उन्होंने सवाल किया कि प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह इस मामले पर कुछ क्यों नहीं बोल रहे हैं। खड़गे ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में दलितों और वंचित वर्गों से जुड़े मुद्दों पर विपक्षी नेताओं की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है।
इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष ने राज्यसभा में सदन के नेता और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को पत्र लिखकर मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को निर्देश देने का आग्रह किया था। उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे को लेकर राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन से संपर्क किया जाएगा।
श्री खड़गे ने नड्डा को लिखे पत्र में कहा कि हल्द्वानी में कथित ‘शुद्धीकरण’ की घटना के 24 दिन बीत जाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इसके विपरीत राहुल गांधी के खिलाफ मामला दर्ज कर दिया गया, जबकि वह लगातार दलितों और वंचित वर्गों के मुद्दे उठाते रहे हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष ने राज्यसभा में 13 अगस्त को इस मामले के उठाए जाने का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस समय जेपी नड्डा ने मामले की जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया था। खड़गे के मुताबिक, सदन के सभापति ने भी घटना की निंदा करते हुए ऐसे मामलों को गंभीरता से लेने की बात कही थी।
दरअसल, हल्द्वानी के रामलीला मैदान में आठ अगस्त को मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा आयोजित हुई थी। कांग्रेस का आरोप है कि सभा के बाद कुछ लोगों ने कथित तौर पर सभास्थल का ‘शुद्धीकरण’ किया। कांग्रेस ने इस घटना में भाजपा और आरएसएस से जुड़े लोगों के शामिल होने का आरोप लगाया है। हालांकि, भाजपा ने इन आरोपों से इनकार किया है।
नड्डा को पत्र भेजने के बाद पत्रकारों से बातचीत में खड़गे ने कहा कि वह इस घटना को ‘शुद्धीकरण’ नहीं, बल्कि छुआछूत की घटना मानते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटना दलित समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
खड़गे ने प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि ऐसी घटना किसी दलित व्यक्ति के साथ हुई होती, तो क्या प्रधानमंत्री चुप रहते? उन्होंने दोनों नेताओं से इस मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी समेत विपक्षी नेता जब दलितों और अन्य वंचित वर्गों से जुड़े मुद्दे उठाते हैं, तो उनके खिलाफ मामले दर्ज कर उन्हें हतोत्साहित करने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ऐसे दबाव से डरने वाली नहीं है।
खड़गे ने कहा कि राहुल गांधी को देश के आम लोगों और उनके अधिकारों की चिंता है। उन्होंने कहा कि यदि दलितों और वंचित वर्गों की आवाज उठाने के लिए राहुल गांधी को किसी कार्रवाई या सजा का सामना करना पड़ता है, तो कांग्रेस उसके खिलाफ मजबूती से लड़ाई लड़ेगी।
उन्होंने देश की जनता से राहुल गांधी और उनके सिद्धांतों के साथ खड़े होने की अपील करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा विभिन्न मुद्दों का राजनीतिक ध्रुवीकरण कर रही है।




