रायपुर, 3 सितंबर। राज्यपाल रमेन डेका ने कहा है कि दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए छत्तीसगढ़ में अभी और प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री सहज रूप से उपलब्ध कराना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। तकनीक के माध्यम से दृष्टिबाधित विद्यार्थियों तक शिक्षा पहुंचाने के लिए वर्ल्ड ऑडियो बुक टीम छत्तीसगढ़ द्वारा किया जा रहा कार्य सराहनीय और अनुकरणीय है।
राज्यपाल डेका से गुरुवार को लोक भवन में वर्ल्ड ऑडियो बुक टीम छत्तीसगढ़ के सदस्यों ने सौजन्य भेंट की। इस दौरान उन्होंने टीम के सदस्यों को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। वर्ल्ड ऑडियो बुक टीम की उपलब्धि गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज होने पर राज्यपाल ने सभी सदस्यों को बधाई और शुभकामनाएं दीं।
वर्ल्ड ऑडियो बुक टीम द्वारा दृष्टिबाधित और सामान्य विद्यार्थियों के लिए 11 हजार से अधिक ऑडियो बुक तैयार करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इस अभिनव अभियान की शुरुआत 5 अक्टूबर 2024 को राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षिका के. शारदा के नेतृत्व में हुई थी। शारदा स्वयं अब तक 1,800 से अधिक ऑडियो बुक तैयार कर चुकी हैं। उनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के 30 शिक्षक-शिक्षिकाएं अपने नियमित शैक्षणिक दायित्वों के साथ इस अभियान में योगदान दे रहे हैं।
राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचना चाहिए। दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए ऑडियो के माध्यम से अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराना उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ शिक्षा के समान अवसर प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने ऐसे प्रयासों को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि अधिक से अधिक दृष्टिबाधित विद्यार्थी इसका लाभ उठा सकें।
टीम के वर्ल्ड ऑडियो बुक चैनल पर 107 से अधिक प्लेलिस्ट उपलब्ध हैं और इसे अब तक 8 लाख से अधिक बार देखा जा चुका है। टीम द्वारा विद्यार्थियों के लिए पाठ्यक्रम आधारित और उपयोगी अध्ययन सामग्री तैयार की जा रही है।
इस अवसर पर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की छत्तीसगढ़ हेड डॉ. सोनल राजेश शर्मा सहित वर्ल्ड ऑडियो बुक टीम के सभी सदस्य उपस्थित रहे।




