रायपुर, 20 सितंबर। राजधानी रायपुर के भाटागांव स्थित महाराणा प्रताप स्कूल में 19 सितंबर को अभिभावकों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
समाजसेवी संस्था प्रोग्रेसिव युटिलाइजेशन ऑफ रिसर्च एंड इकोनॉमिक्स (PURE) द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों के व्यक्तित्व और भावनात्मक विकास के साथ-साथ अभिभावकों एवं बच्चों के बीच बेहतर पारिवारिक संबंध स्थापित करना था। कार्यक्रम में अभिभावकों के अलावा विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रबुद्धजनों ने भी हिस्सा लिया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता गुडविल्स अस्पताल के प्रबंध निदेशक डॉ. सत्यजीत साहू ने कहा कि बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए सकारात्मक और संवेदनशील पालन-पोषण बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि बच्चे का विकास केवल उसकी शैक्षणिक उपलब्धियों से निर्धारित नहीं होता, बल्कि उसके साथ बने भावनात्मक संबंध, संवाद, विश्वास और पारिवारिक वातावरण की भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
डॉ. साहू ने कहा कि वर्तमान समय में माता-पिता के सामने बच्चों को अनुशासित करने के साथ-साथ उनकी भावनाओं, जिज्ञासाओं और स्वतंत्र सोच को समझने की चुनौती भी है। ऐसे में अभिभावकों के लिए जरूरी है कि वे बच्चों की बातों को धैर्यपूर्वक सुनें, उनकी भावनाओं को समझें और उनके साथ विश्वास पर आधारित संवाद कायम करें।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान सकारात्मक पालन-पोषण, बच्चों की बात सुनने और समझने, प्रभावी संवाद, भावनात्मक सुरक्षा तथा अभिभावक-बच्चे के बीच स्वस्थ संबंध जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। संवादात्मक गतिविधियों और व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से अभिभावकों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि माता-पिता का व्यवहार बच्चों के आत्मविश्वास, सोच और व्यक्तित्व निर्माण को किस तरह प्रभावित करता है।
कार्यक्रम का संचालन समाजसेवी संस्था PURE की अध्यक्ष स्वाति देवांगन ने किया। उन्होंने कार्यक्रम के उद्देश्यों के साथ संस्था की सामाजिक भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन की शुरुआत परिवार से होती है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों के साथ संवाद और विश्वास का वातावरण मजबूत करने का आह्वान किया।




