रायपुर, 22 सितंबर। छत्तीसगढ़ के कथित शराब और कोल लेवी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कांग्रेस के पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को फिलहाल राहत नहीं मिली है। रायपुर की विशेष PMLA अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने जमानत के पक्ष में दलीलें दीं, जबकि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इसका विरोध किया। अदालत ने मामले की परिस्थितियों , उपलब्ध सामग्री और गवाहों को प्रभावित किए जाने की आशंका सहित संबंधित कानूनी पहलुओं पर विचार करने के बाद जमानत देने से इनकार कर दिया।
रामगोपाल अग्रवाल इस समय रायपुर केंद्रीय जेल में बंद हैं। इससे पहले भी अगस्त 2026 में उनकी जमानत याचिका खारिज हो चुकी है। सितंबर में उन्हें 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर भेजे जाने की जानकारी सामने आई थी।
रामगोपाल अग्रवाल के खिलाफ जांच का दायरा शराब घोटाले के साथ-साथ कथित कोल लेवी प्रकरण से भी जुड़ा हुआ है। आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने जुलाई 2026 में उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय ने 11 अगस्त 2026 को उन्हें धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत गिरफ्तार किया। ED की ओर से उन्हें रायपुर की विशेष PMLA अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने 18 अगस्त तक सात दिन की ED हिरासत मंजूर की थी।
ED के अनुसार, रामगोपाल अग्रवाल उस समय छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष थे और कथित शराब घोटाले से उत्पन्न अपराध की रकम के लेन-देन में उनकी भूमिका की जांच की जा रही है। एजेंसी ने अदालत के समक्ष कथित तौर पर यह भी कहा है कि शराब कारोबार में अनियमितताओं से जुड़े धन के एक हिस्से का संबंध अग्रवाल से था। इन आरोपों की पुष्टि अभी न्यायिक रूप से नहीं हुई है और मामला अदालत के समक्ष विचाराधीन है।




