बिलासपुर, 09 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ में सहायक शिक्षक और शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को बड़ा झटका लगा है। बिलासपुर हाईकोर्ट ने भर्ती विज्ञापन में दिव्यांग अभ्यर्थियों के आरक्षण संबंधी प्रावधानों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए प्रस्तावित लिखित परीक्षाओं पर रोक लगा दी है। मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर मामले में जवाब मांगा है।
शिक्षक भर्ती के लिए जारी विज्ञापन में दिव्यांग अभ्यर्थियों को आरक्षण देने की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर की गई थीं। याचिकाकर्ताओं ने आरक्षण संबंधी प्रावधानों को चुनौती दी थी। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने भर्ती परीक्षाओं पर रोक लगाने का आदेश दिया। अब राज्य सरकार के जवाब और मामले में आगे होने वाली सुनवाई के बाद ही भर्ती प्रक्रिया की अगली स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
हाईकोर्ट के इस आदेश से उन हजारों अभ्यर्थियों की चिंता बढ़ गई है, जो लंबे समय से शिक्षक भर्ती परीक्षा की तैयारी में जुटे थे। परीक्षा की तारीखें घोषित होने के बाद अभ्यर्थियों ने अपनी तैयारी को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया था। ऐसे में परीक्षा स्थगित होने की आशंका के बीच उम्मीदवारों को नई तारीखों और भर्ती प्रक्रिया के भविष्य को लेकर इंतजार करना पड़ सकता है।
11 और 25 अक्टूबर को निर्धारित थीं परीक्षाएं
कर्मचारी चयन मंडल के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, सहायक शिक्षक पद के लिए लिखित परीक्षा 11 अक्टूबर 2026 को आयोजित होनी थी, जबकि शिक्षक पद की परीक्षा 25 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित थी। दोनों परीक्षाओं के लिए अभ्यर्थी तैयारियों में जुटे हुए थे।
हालांकि, हाईकोर्ट के आदेश के बाद इन परीक्षाओं के आयोजन और भर्ती प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है। परीक्षा की नई तारीखों अथवा आगे की कार्रवाई के संबंध में आधिकारिक सूचना का इंतजार रहेगा।
2,292 पदों पर होनी है भर्ती
छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक भर्ती 2026 के तहत कुल 2,292 पदों पर नियुक्तियां प्रस्तावित हैं। इनमें ई-संवर्ग के 795 और टी-संवर्ग के 1,497 पद शामिल हैं। भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 24 जुलाई से 21 अगस्त 2026 तक चली थी। इसके बाद अभ्यर्थियों को आवेदन पत्रों में त्रुटि सुधारने के लिए 22 से 24 अगस्त तक का अवसर दिया गया था।
भर्ती प्रक्रिया पर लगी रोक से अब इन पदों पर नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे उम्मीदवारों की आगे की राह अदालत में चल रही सुनवाई और राज्य सरकार के जवाब पर निर्भर करेगी। फिलहाल अभ्यर्थियों को परीक्षा से संबंधित किसी भी नए कार्यक्रम के लिए आधिकारिक सूचना का इंतजार करना होगा।




