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हमले के मामले में संजय यदुवंशी को राहत, पुलिस कार्रवाई के विरोध में जुटे समर्थक

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सुलतानपुर, 09 अक्टूबर। हमले के आरोपों से जुड़े मामले में विवादों में घिरे यूट्यूबर संजय यदुवंशी और उनके भाई जय सिंह को जिला अदालत से राहत मिली है।

       मिली जानकारी के अनुसार जिला जज सुनील कुमार की अदालत ने आज उनकी अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए प्रार्थना पत्र का निस्तारण होने तक गिरफ्तारी पर सशर्त रोक लगा दी। अदालत ने मामले को अगली सुनवाई के लिए एडीजे प्रथम की अदालत में स्थानांतरित करते हुए अभियोजन से संबंधित दस्तावेज और आरोपियों का आपराधिक इतिहास तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को होगी।

      इस बीच, संजय यदुवंशी के समर्थन में शुक्रवार को तिकोनिया पार्क में बड़ी संख्या में समर्थक जुटे। पुलिस की नाकेबंदी और सुरक्षा व्यवस्था के बीच समर्थकों ने कथित पुलिस ज्यादती के विरोध में शांतिपूर्ण धरना देने का ऐलान किया। भीड़ और वाहनों के काफिले के प्रदर्शन स्थल की ओर बढ़ने की सूचना पर पुलिस-प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी और एहतियातन अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया।

क्या है पूरा मामला?

       कोतवाली नगर क्षेत्र के तुराबखानी निवासी जफरूल हसन ने छह सितंबर की घटना का हवाला देते हुए अगले दिन पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया था। शिकायत के मुताबिक, उनका बेटा शबीब रजा विदेश में रहता है और घर आने के दौरान उसे सोशल मीडिया पर जिला पंचायत सदस्य शादाब जुबैर पठान के नाम से संचालित इंस्टाग्राम आईडी से कॉल आया था। आरोप है कि कॉल के जरिए शबीब रजा को उसके मित्र छोटू के अमहट में सड़क दुर्घटना में घायल होने की जानकारी दी गई और इलाज के लिए वहां बुलाया गया।

        वादी के अनुसार, शबीब रजा के अमहट चौराहे पर पहुंचने पर शादाब पठान, यूट्यूबर संजय यदुवंशी, शिवा यदुवंशी, सचिन कोरी और कुछ अज्ञात लोग चारपहिया वाहनों से वहां पहुंचे। आरोप है कि इन लोगों ने लाठी-डंडों से शबीब रजा पर हमला किया।

        पुलिस ने शुरुआत में सामान्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। मामले की विवेचना के दौरान धाराएं बढ़ाए जाने की बात सामने आई है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी रही। गिरफ्तारी की आशंका जताते हुए संजय यदुवंशी और उनके भाई जय सिंह की ओर से अधिवक्ता के माध्यम से अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की गई थी। जिला जज की अदालत ने सुनवाई के बाद अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र के निस्तारण तक सशर्त गिरफ्तारी रोकने का आदेश दिया है। हालांकि, मामले में अंतिम निर्णय अगली सुनवाई के दौरान होना है।

समर्थकों ने किया शांतिपूर्ण धरने का ऐलान

        अदालती राहत के बीच संजय यदुवंशी के समर्थन में शुक्रवार सुबह से ही तिकोनिया पार्क में समर्थकों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। संजय यदुवंशी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपना पक्ष रखते हुए दावा किया कि उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 307 के तहत कोई मुकदमा दर्ज नहीं है और उन्हें गलत तरीके से अपराधी के रूप में पेश किया जा रहा है।

         उन्होंने सुबह 10 बजे तिकोनिया पार्क में धरने का आह्वान किया था। समर्थकों की ओर से धम्मौर थाने के एसएचओ सहित संबंधित पुलिसकर्मियों के निलंबन और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग उठाई गई। समर्थकों ने कहा कि वे इस मामले में अपना विरोध शांतिपूर्ण तरीके से दर्ज कराएंगे।

         समर्थकों की बढ़ती संख्या और प्रदर्शन स्थल की ओर वाहनों के काफिले के पहुंचने की सूचना के बाद पुलिस-प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा इंतजाम बढ़ा दिए। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, एहतियातन अतिरिक्त बल तैनात किया गया।

          फिलहाल, मामले में अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को होनी है। अदालत की आगामी कार्यवाही और पुलिस विवेचना से यह स्पष्ट होगा कि मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।