रायपुर, 17 अक्टूबर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर में शांति और सुरक्षा की स्थापना के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले जवानों का शौर्य और बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उनके त्याग से ही बस्तर में शांति, विश्वास और विकास के नए युग की नींव पड़ी है।
मुख्यमंत्री साय राजधानी रायपुर में द हिन्दू फाउंडेशन, नागपुर द्वारा आयोजित ‘शौर्यांजलि : बस्तर के नायकों को समर्पित’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रसेवा के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में शहीद हुए 50 जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिजनों का सम्मान किया।
मुख्यमंत्री ने शहीद परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि अपनों को खोने की पीड़ा की भरपाई संभव नहीं है। शहीद जवान पूरे छत्तीसगढ़ और राष्ट्र का गौरव हैं। राज्य सरकार उनके परिवारों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण के लिए हर परिस्थिति में साथ खड़ी रहेगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में केंद्र और राज्य सरकार ने नक्सलवाद के उन्मूलन के लिए समन्वित प्रयास किए। दुर्गम जंगलों और पहाड़ियों में सुरक्षा बलों के अदम्य साहस से अभियान को निर्णायक सफलता मिली।
श्री साय ने कहा कि चार दशकों तक नक्सली हिंसा से प्रभावित रहे बस्तर में अब विकास की नई संभावनाएं खुल रही हैं। सड़क, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। ‘नियद नेल्लानार’ योजना के माध्यम से दूरस्थ गांवों तक सरकारी योजनाएं पहुंचाई जा रही हैं। बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों से स्थानीय प्रतिभाओं, जनजातीय संस्कृति और परंपराओं को नई पहचान मिल रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर की पहचान अब भय और हिंसा के बजाय संस्कृति, पर्यटन और विकास से मजबूत होगी। शहीदों के सपनों के अनुरूप शांतिपूर्ण, सुरक्षित और समृद्ध बस्तर का निर्माण करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने शहीद परिवारों के सम्मान में द हिन्दू फाउंडेशन की पहल की सराहना करते हुए कहा कि ‘शौर्यांजलि’ वीर जवानों के बलिदान को याद करने के साथ उनके आदर्शों को आगे बढ़ाने का संकल्प भी है।कार्यक्रम में फाउंडेशन के संयोजक संदीप गुप्ता, शहीद वीर नारायण सिंह के वंशज राजेंद्र सिंह दीवान सहित शहीद परिवारों के सदस्य, जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।




