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जमीन की गाइडलाइन दरों में सरकार ने नहीं की कोई कमी : कांग्रेस

रायपुर, 08 दिसंबर।छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार और वित्त मंत्री ओपी चौधरी जमीन की गाइडलाइन दरों को लेकर जनता को गुमराह कर रहे हैं।

श्री शुक्ला ने आज यहां प्रेस कान्फ्रेंस में कहा कि सरकार ने खुली जमीन, प्लॉट और किसानों की कृषि भूमि पर की गई बेतहाशा बढ़ोतरी में न तो कोई कटौती की है और न ही इसे स्थगित किया है। इसलिए बढ़ी हुई गाइडलाइन दरें यथावत लागू हैं।

उन्होने कहा कि सरकार ने नई जमीन गाइडलाइन दरें बिना जिला मूल्यांकन समिति की अनुशंसा और बिना दावा-आपत्ति की प्रक्रिया के अवैधानिक रूप से लागू कर दी थीं। इतना ही नहीं, बढ़ी हुई दरों का अनुमोदन केंद्रीय मूल्यांकन समिति से भी नहीं लिया गया। उनका कहना है कि सरकार ने अब केवल अपनी प्रक्रिया संबंधी गलती को सुधारा है, लेकिन दरों में कोई वास्तविक राहत नहीं दी।

कांग्रेस नेता ने सवाल उठाया कि 20 नवंबर से अब तक जिन रजिस्ट्री पर बढ़ी हुई दरों के अनुसार स्टांप ड्यूटी ली गई है, उनका क्या होगा? उन्होंने सरकार से स्पष्ट करने की मांग की कि जब 31 दिसंबर तक दावा-आपत्ति आमंत्रित की गई है, तब तक बढ़ी हुई दरें लागू रहेंगी या गाइडलाइन स्थगित होगी? साथ ही 31 दिसंबर तक होने वाली रजिस्ट्री पर कौन सी दरें लागू होंगी, इसका भी सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने सिर्फ बड़े बिल्डरों को राहत देने के लिए बहुमंजिला भवनों, फ्लैट और दुकानों की गणना पद्धति में सुधार किया है तथा एफएआर (FAR) की गणना को तल क्षेत्रफल के आधार पर 20% कम करने का निर्णय लिया है।

कांग्रेस का कहना है कि अधिकांश क्षेत्रों में गाइडलाइन दरों में 10 प्रतिशत से लेकर 800 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई थी, और ये दरें अब भी जस की तस लागू हैं।

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