छत्तीसगढ़राज्य

कोरबा: NTPC की क्षतिपूर्ति राशि के भुगतान में हो रही देरी से नाराज ग्रामीण

कोरबा में कटघोरा में NTPC की क्षतिपूर्ति राशि के भुगतान में हो रही देरी से नाराज़ ग्रामीणों ने तहसील कार्यालय के सामने धरना दिया। राखड़ प्रभावित धनरास गांव के सैकड़ों ग्रामीण, महिलाओं के साथ, SDM कार्यालय पहुंचे और राजस्व विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों का कहना है कि NTPC प्रबंधन ने एक वर्ष की क्षतिपूर्ति राशि दो महीने पहले ही राजस्व विभाग को दे दी थी। लेकिन अब तक यह राशि हितग्राहियों तक नहीं पहुंच पाई है। हर साल यह रकम ग्राम पंचायत के खाते में सीधे जमा की जाती थी, लेकिन इस बार विभाग के पास फँसी हुई है। ग्रामीणों ने दीपावली से पहले राशि जारी करने की मांग की है। उनका कहना है कि त्योहार नजदीक है और मुआवज़ा न मिलने से गांव में आर्थिक संकट की स्थिति बन गई है। धरने में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुईं, कटघोरा SDM तन्मय खन्ना से मिलकर तत्काल क्षतिपूर्ति राशि आबंटित करने की मांग रखी। SDM ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि मामले की किसानों को क्षतिपूर्ति की राशि दीपावली से पहले देने की बात की।

ग्रामीण शशि कुमार ने बताया कि एनटीपीसी प्रबंधन के द्वारा हर वर्ष क्षतिपूर्ति राशि दी जाती थी लेकिन अब तक नहीं दी जाने से आज उन्हें आंदोलन पर उतरना पड़ा इससे पहले सरपंच और पंच को दिया जाता था दो प्रभावित लोगों को बांटते थे लेकिन अब सीधे प्रभावित के खाते में जाता है लेकिन अब तक उन्हें राशि नहीं दी गई है।राशि को सीधे तहसील में डलवा दिया गया है और मार्च माह तक मिल जाना था लेकिन कई महीने भी जाने के बाद भी अब तक नहीं मिला।

ग्रामीण ने बताया कि एनटीपीसी के द्वारा जो राखड डंप किया जाता है उसका प्रदूषण हम सब झेल रहे हैं और बीमारी से ग्रसित हो रहे हैं जिसका क्षतिपूर्ति राशि दिया जाता है लेकिन अब तक नहीं दिया गया। जो राशि 6 से 7 हजार तक मिलता है उसे राशि को बीमारी में लगाते हैं। दीपावली से पहले अगर राशि नहीं मिला तो ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।

कटघोरा SDM तन्मय खन्ना ने बताया कि धनरास के लोगों को रखड़ का जो मुआवजा मिलता है। पहले कैश में दिया जाता था कुछ परेशनियों की वजह से पूर्व अधिकारियों के द्वारा निर्णय लिया क्या की बैंक डिटेल लेकर सीधे उनके खाते में डाला जाएगा। जो तहसील ऑफिस से ही डाला जाएगा अब तक 11 सौ से अधिक लोगों का बैंक डिटेल जमा हुआ है। सिस्टम में एंट्री करने में समय लग रहा था। एनटीपीसी प्रबंधन और तहसीलदार से बात किया गया है जहां और डिटेल लेकर दीपावली से पहले ग्रामीणों के खाते में डाल दिए जाएंगे।

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