
छत्तीसगढ़ लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने सड़क और भवन निर्माण कार्यों में देरी करने वाले ठेकेदारों पर सख्ती बढ़ा दी है। विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने रायपुर और दुर्ग परिक्षेत्र के अधिकारियों की समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि जो ठेकेदार समय पर काम पूरा नहीं करेंगे, उन पर पेनाल्टी लगाई जाएगी और नोटिस जारी होगा। बैठक में मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता और सभी कार्यपालन अभियंताओं को फील्ड पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। सचिव ने कहा कि लोगों की सुविधा और बजट के प्रभावी उपयोग के लिए निर्माण कार्यों की रफ्तार बढ़ाई जाए और गुणवत्ता से कोई समझौता न हो।
सचिव ने बताया कि प्रदेशभर में चल रहे सड़क मरम्मत कार्य दिसंबर 2025 तक हर हाल में पूरे किए जाएं। उन्होंने पेच रिपेयरिंग के बाद सड़कें पूरी तरह समतल और स्मूथ रहने पर खास जोर दिया। इसके साथ ही परफॉर्मेंस गारंटी वाली सड़कों का थर्ड पार्टी परीक्षण अनिवार्य रूप से कराने और रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक सुधार करवाने को कहा गया।
बैठक में निर्देश दिए गए कि तकनीकी स्वीकृति मिलने के बाद निविदा आमंत्रण में किसी तरह की देरी न की जाए। विभागीय कामकाज को तेज करने सभी कार्यालयों को ई-ऑफिस पर शिफ्ट होने के निर्देश भी दिए गए। समीक्षा बैठक में दोनों परिक्षेत्रों की प्रगतिरत सड़क एवं भवन परियोजनाओं की विस्तृत स्थिति पर चर्चा की गई।
रायपुर में प्रमुख प्रगति
शंकर नगर–खम्हारडीह–कचना फोरलेन सड़क दिसंबर के अंत तक तैयार
पुराने सर्किट हाउस परिसर में नया चार मंजिला एनेक्स भवन, डिज़ाइन स्वीकृत
गुढ़ियारी शुकवारी बाजार से रेलवे स्टेशन प्लेटफॉर्म-5 तक पहुंच मार्ग, भूमि-अर्जन मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य
दुर्ग परिक्षेत्र की परियोजनाएं
बेमेतरा में 500-सीटर ऑडिटोरियम, फरवरी 2026 तक तैयार
दुर्ग में 750-सीटर ऑडिटोरियम, मई 2026 तक पूरा
खैरागढ़ में कलेक्टोरेट कंपोजिट बिल्डिंग, अक्टूबर 2026 तक पूर्ण करने की तैयारी
अवैध देरी पर विभाग सख्त
सचिव ने साफ किया कि किसी भी परियोजना में अनावश्यक देरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पीडब्ल्यूडी की जिम्मेदारी है कि बेहतर सड़कें, मजबूत भवन और समय पर पूरा काम जनता को उपलब्ध कराया जाए।दिनभर चली समीक्षा बैठक में प्रमुख अभियंता, अपर सचिव तथा रायपुर व दुर्ग परिक्षेत्र के वरिष्ठ निर्माण अधिकारी उपस्थित रहे।




