
मुंबई, 17 फरवरी। Narendra Modi और Emmanuel Macron के बीच मुंबई में हुई उच्चस्तरीय वार्ता के बाद भारत और फ्रांस ने ‘विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी’ (Special Global Strategic Partnership) स्थापित करने की घोषणा की। दोनों देशों ने रक्षा, ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, नवाचार और प्रौद्योगिकी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में कुल 21 समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए।
संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत-फ्रांस संबंध अब पारंपरिक कूटनीति से आगे बढ़कर “लोगों की साझेदारी” में बदल चुके हैं। उन्होंने वर्ष 2026 को “भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष” के रूप में मनाने पर बल देते हुए इसे भविष्य उन्मुख सहयोग का नया अध्याय बताया। प्रधानमंत्री ने फ्रांस को हिंद महासागर क्षेत्र में भारत का महत्वपूर्ण और भरोसेमंद साझेदार बताया तथा कहा कि यह साझेदारी वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए मजबूत सहारा है।
प्रधानमंत्री ने भारत में एयरबस एच-125 हेलीकॉप्टर के निर्माण हेतु फाइनल असेंबली लाइन संयंत्र के उद्घाटन को “मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड” पहल का सशक्त उदाहरण बताया। साथ ही उन्होंने हाल ही में यूरोपीय संघ के साथ हुए व्यापार समझौते का उल्लेख करते हुए इसे भारत के वैश्विक आर्थिक जुड़ाव की दिशा में अहम कदम बताया।
राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि भारत और फ्रांस के रिश्ते आपसी विश्वास के ऐसे स्तर पर पहुंच चुके हैं, जो आज की वैश्विक राजनीति में दुर्लभ है। नवाचार वर्ष की शुरुआत करते हुए उन्होंने कहा कि दोनों देश अब केवल वस्तुओं का नहीं, बल्कि विचारों और प्रौद्योगिकी का भी आदान-प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने भारतीय टेक प्रतिभाओं और स्टार्टअप्स के लिए नए प्रोत्साहनों की घोषणा की, जिससे वे विशेष रूप से हरित प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष क्षेत्र में फ्रांसीसी साझेदारों के साथ सहयोग बढ़ा सकें।
इससे पहले राष्ट्रपति मैक्रों ने मुंबई के ऐतिहासिक Taj Mahal Palace Hotel पहुंचकर 26 नवंबर 2008 के आतंकी हमलों के पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित की और आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ एकजुटता व्यक्त की।
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