इटावा, 24 अप्रैल। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को प्रदेश सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राज्य में महिलाएं और बेटियां खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रही हैं और उनके खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। उनके अनुसार, सरकार महिलाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और सम्मान की रक्षा करने में विफल साबित हुई है।
मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि महिलाओं को सिर्फ आरक्षण ही नहीं, बल्कि प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था की भी आवश्यकता है। उन्होंने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए उन्हें ‘नारी विरोधी’ बताया और आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी महिलाओं के हितों के खिलाफ काम कर रही है, साथ ही समाजवादी पार्टी के खिलाफ भ्रामक प्रचार कर रही है।
जातीय जनगणना के मुद्दे पर सपा प्रमुख ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी इसका समर्थन करती है, जबकि बीजेपी इससे बचती नजर आ रही है। उनका कहना था कि जातीय जनगणना से समाज के वंचित और पिछड़े वर्गों को उनका हक और सम्मान मिल सकेगा।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भीमराव अंबेडकर द्वारा संविधान में दिए गए आरक्षण प्रावधानों को सरकार सही ढंग से लागू नहीं कर रही, जिससे लोकतांत्रिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
पश्चिम बंगाल के चुनावी परिदृश्य पर बोलते हुए अखिलेश यादव ने दावा किया कि भाजपा को बड़ी हार का सामना करना पड़ेगा और ममता बनर्जी एक बार फिर भारी बहुमत के साथ सत्ता में लौटेंगी।
इटावा के विकास को लेकर भी उन्होंने प्रदेश सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार क्षेत्र के विकास को बाधित कर रही है, जिससे भू-माफियाओं के हौसले बढ़े हैं और जमीनों पर अवैध कब्जे की घटनाएं सामने आ रही हैं। इसके अलावा नदियों और जंगलों को भी नुकसान पहुंचने की बात कही गई।
महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के कारण आम जनता परेशान है, जबकि किसान सबसे ज्यादा संकट झेल रहे हैं।
इससे पहले सपा प्रमुख चकरनगर स्थित श्री रामकृष्ण परम धाम में आयोजित 108 कुंडीय महायज्ञ और भागवत कथा में शामिल हुए, जहां उन्होंने आशीर्वाद लिया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि धर्म का मार्ग न्याय और समृद्धि का मार्ग है, जो बिना किसी भेदभाव के सभी के लिए समान है।
अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान इटावा में व्यापक विकास कार्य हुए, जिससे सड़कों, पुलों और आपात सेवाओं की पहुंच गांव-गांव तक सुनिश्चित हो सकी।




