नई दिल्ली/रायपुर 03 मई।छत्तीसगढ़ में कथित 2,800 करोड़ रुपये के शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच तेज करते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हालिया छापेमारी में बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने 53 लाख रुपये नकद के साथ-साथ करीब 4.86 करोड़ रुपये मूल्य के सोने के आभूषण और बुलियन जब्त किए हैं।
ईडी के अनुसार, 30 अप्रैल को रायपुर, दुर्ग, भिलाई और बिलासपुर में शराब कारोबारियों, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, व्यवसायियों और कुछ कॉरपोरेट संस्थाओं के परिसरों पर छापे मारे गए। जांच एजेंसी को संदेह है कि इन संस्थाओं के जरिए कथित घोटाले से अर्जित धन को इकट्ठा करने, छिपाने और विभिन्न माध्यमों से घुमाने का काम किया गया।
छापेमारी के दौरान 3.23 किलोग्राम सोना, नकदी के अलावा कई अहम दस्तावेज और डिजिटल उपकरण भी बरामद किए गए हैं, जिन्हें एजेंसी ने “आपत्तिजनक” बताया है। ईडी पहले भी इस मामले में कई दौर की कार्रवाई कर चुकी है और अब तक करीब 380 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क की जा चुकी हैं।
एजेंसी का दावा है कि यह कथित शराब घोटाला वर्ष 2019 से 2022 के बीच हुआ, जब राज्य में कांग्रेस सरकार सत्ता में थी। जांच में आरोप लगाया गया है कि वरिष्ठ अधिकारियों और राजनीतिक व्यक्तियों से जुड़े एक नेटवर्क ने आबकारी विभाग पर नियंत्रण स्थापित कर लिया था, जिससे राज्य को भारी राजस्व नुकसान हुआ। ईडी ने इस मामले में कुल अवैध कमाई लगभग 2,883 करोड़ रुपये आंकी है।
अब तक इस प्रकरण में छह आरोपपत्र दाखिल किए जा चुके हैं और 81 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल, आईएएस अधिकारी निरंजन दास, सेवानिवृत्त आईएएस अनिल टुटेजा, पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा और मुख्यमंत्री कार्यालय की पूर्व उपसचिव सौम्या चौरसिया समेत अन्य नाम शामिल हैं।
हालांकि, सभी आरोपियों ने ईडी की कार्रवाई को विभिन्न अदालतों में चुनौती दी है और मामले की सुनवाई जारी है।




