रायपुर, 07 मई। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने “ऑपरेशन सिंदूर” की पहली वर्षगांठ पर भारतीय सेना के शौर्य, पराक्रम और अदम्य साहस को नमन किया है। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि नए भारत की मजबूत इच्छाशक्ति, निर्भीक संकल्प और निर्णायक क्षमता का प्रतीक बन चुका है।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी अपने संदेश में कहा कि एक वर्ष पहले पहलगाम में सीमा पार से हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था। लेकिन भारत ने जिस दृढ़ता और रणनीतिक क्षमता के साथ उसका जवाब दिया, उसने इतिहास में साहस और संकल्प का नया अध्याय जोड़ दिया।
उन्होंने कहा कि “ऑपरेशन सिंदूर” ने दुनिया को यह स्पष्ट संदेश दिया कि नया भारत आतंकवाद के खिलाफ किसी भी प्रकार की नरमी बरतने वाला नहीं है। अब देश हर चुनौती का मुंहतोड़ और प्रभावशाली जवाब देने में सक्षम है।
श्री साय ने कहा कि इस अभियान ने भारतीय सैनिकों के अदम्य साहस, उत्कृष्ट रणनीति और राष्ट्र के प्रति समर्पण को अमर कर दिया। आतंक के सरपरस्तों और उनके आकाओं को जिस सटीकता और मजबूती से जवाब दिया गया, उससे वैश्विक स्तर पर भारत की सैन्य ताकत और नेतृत्व की नई पहचान स्थापित हुई है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने आतंकवाद के प्रति “शून्य सहिष्णुता” की नीति को केवल शब्दों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे व्यवहार में भी साबित किया है। भारतीय सेनाओं की संयुक्त शक्ति, आधुनिक युद्ध तकनीक और आत्मनिर्भर रक्षा क्षमता ने यह दिखा दिया है कि भारत अब केवल प्रतिक्रिया देने वाला देश नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर निर्णायक प्रतिकार करने में भी सक्षम है।
मुख्यमंत्री ने “ऑपरेशन सिंदूर” की प्रथम वर्षगांठ पर देश के वीर जवानों को कोटिशः नमन करते हुए पहलगाम हमले में जान गंवाने वाले पर्यटकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना का पराक्रम, राष्ट्रभक्ति और बलिदान सदैव देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।




