नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने गायत्री मनहर ग्रीन कॉलोनी में स्वीकृत लेआउट के अनुसार पार्क विकसित न किए जाने पर कड़ा रुख अपनाया है। ट्रिब्यूनल की प्रिंसिपल बेंच ने आगरा विकास प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी कर एक महीने के भीतर अनुपालन रिपोर्ट मांगी है।
गायत्री मनहर ग्रीन कॉलोनी के सचिव पूरन सिंह चौहान की पत्र याचिका का स्वत: संज्ञान लेते हुए एनजीटी ने केस नंबर 994/2024 में सुनवाई की। पूर्व में हुई सुनवाई में तथ्य सामने आया कि कॉलोनी के लेआउट प्लान में दो पार्क थे, जिनमें बिल्डर ने एक ही विकसित किया। दूसरा पार्क नक्शे के अनुरूप विकसित नहीं किया गया।
एडीए ने सितंबर 2025 में बिल्डर को पार्क विकसित करने को कहा था। बुधवार को हुई सुनवाई में एनजीटी में न्यायमूर्ति अरुण कुमार त्यागी, डॉ. ए सेंथिल वेल और डॉ. अफरोज अहमद की बेंच ने नाराजगी व्यक्त की। कहा कि निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बाद भी कोई रिपोर्ट दाखिल नहीं की गई है। एडीए और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से रिपोर्ट मांगते हुए अगली सुनवाई के लिए 11 अगस्त की तारीख तय की।




