सूरजपुर, 21 मई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुशासन तिहार 2026 के तहत सूरजपुर जिले के रामानुजनगर-पटना में आयोजित समाधान शिविर में आमजन से संवाद करते हुए कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य शासन की योजनाओं और सुविधाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि यह अभियान जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान और प्रशासन को लोगों के करीब लाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार स्वयं गांव-गांव पहुंचकर लोगों की शिकायतें सुन रही है और यह सुनिश्चित कर रही है कि योजनाओं का लाभ सही समय पर जरूरतमंदों तक पहुंचे। उन्होंने बताया कि सुशासन तिहार के अंतर्गत यह उनका 11वां जिला दौरा है और 10 जून तक प्रदेश के सभी 33 जिलों का भ्रमण करने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में अधिकारियों के साथ योजनाओं के क्रियान्वयन, राजस्व मामलों के निराकरण और लंबित प्रकरणों की समीक्षा की जा रही है। साथ ही ग्राम पंचायत स्तर पर समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विकास कार्यों और नागरिक सुविधाओं की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। इसके लिए लगातार औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की निगरानी की जा रही है।
तेंदूपत्ता संग्राहकों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पहले ग्रामीणों को जंगलों में नंगे पैर तेंदूपत्ता संग्रहण के लिए जाना पड़ता था, जिससे उन्हें चोट लगने का खतरा बना रहता था। अब चरण पादुका योजना के माध्यम से उन्हें सुरक्षा और राहत मिल रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों, महिलाओं और गरीब परिवारों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि किसानों को 3716 करोड़ रुपये बोनस वितरित किया गया है तथा 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है। इसके अलावा सरकार बनने के बाद 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं।
महिलाओं के लिए संचालित महतारी वंदन योजना का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाएं इस योजना का लाभ उठा रही हैं। उन्होंने रामलला दर्शन योजना, मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना और अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के माध्यम से नागरिकों तक सुविधाएं पहुंचाने की बात भी कही।
मुख्यमंत्री ने बताया कि ई-डिस्ट्रिक्ट प्रणाली के जरिए आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र जैसी कई सेवाएं अब घर बैठे उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे आम लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।




