नई दिल्ली, 10 जून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्र सरकार के प्रमुख के रूप में अपने 12 वर्ष पूरे कर लिए हैं। इसी के साथ वह देश के इतिहास में लगातार सबसे लंबे समय तक पद पर बने रहने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं। 4,399 दिनों के लगातार कार्यकाल के साथ उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है।
इस उपलब्धि के अवसर पर केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को एक विशेष प्रस्ताव पारित कर प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की सराहना की। कैबिनेट बैठक में मंत्रियों ने खड़े होकर तालियां बजाते हुए प्रधानमंत्री को बधाई दी और उनके नेतृत्व में देश की उपलब्धियों को रेखांकित किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने पहली बार 26 मई 2014 को पदभार संभाला था। इसके बाद 2019 और 2024 के आम चुनावों में लगातार जीत हासिल कर उन्होंने तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। इस तरह वह भारत के पहले ऐसे निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं जिन्होंने लगातार तीन कार्यकाल पूरे करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
हालांकि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का कुल कार्यकाल 14 वर्षों से अधिक रहा था, लेकिन उनका कार्यकाल लगातार नहीं था। इसी कारण नरेंद्र मोदी अब लगातार सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं।
मोदी सरकार के कार्यकाल में कई प्रमुख राष्ट्रीय और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को गति मिली। इनमें नया संसद भवन, सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना, कर्तव्य पथ, वंदे भारत ट्रेनें, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, आईएनएस विक्रांत, कश्मीर रेल लिंक, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, नमो भारत आरआरटीएस तथा गंगा एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाएं प्रमुख हैं।
इस अवसर पर नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (एनडीए) बुधवार को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित करेगा। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा के वरिष्ठ नेता, एनडीए शासित 22 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री तथा गठबंधन दलों के प्रमुख नेता शामिल होंगे।
बैठक में केंद्र में एनडीए सरकार के 12 वर्ष पूरे होने और प्रधानमंत्री मोदी के इस नए रिकॉर्ड पर चर्चा के साथ-साथ भविष्य की रणनीति पर भी विचार किए जाने की संभावना है।




