लखनऊ, 12 जून। विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के विरोध में शुक्रवार को राजधानी लखनऊ के ईको गार्डन में बड़ी संख्या में छात्रों और युवाओं ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। सुबह छह बजे से ही अभ्यर्थियों का जुटना शुरू हो गया था। प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए और कई स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया।
प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, पेपर लीक की घटनाओं पर कड़ी कार्रवाई करने तथा प्रभावित परीक्षाओं को निष्पक्ष और सुरक्षित व्यवस्था के साथ दोबारा आयोजित कराने की मांग की। कुछ अभ्यर्थियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग उठाई।
छात्रों का कहना था कि बार-बार सामने आ रही परीक्षा संबंधी अनियमितताओं से उनके भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। एक छात्र ने कहा कि यदि परीक्षा केंद्रों पर भी उतनी ही सख्त सुरक्षा व्यवस्था की जाए जितनी प्रदर्शन स्थल पर की गई है, तो पेपर लीक जैसी घटनाओं पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है।
इस आंदोलन में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके भी शामिल हुए। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए छात्रों की मांगों का समर्थन किया और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई। संविधान की प्रति हाथ में लेकर पहुंचे दीपके ने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जा सकता। हालांकि वह करीब आधे घंटे तक ही प्रदर्शन स्थल पर मौजूद रहे।
दीपके ने बताया कि पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ शुरू हुआ यह आंदोलन अब राष्ट्रव्यापी स्वरूप ले रहा है। दिल्ली में प्रदर्शन के बाद लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम इसी अभियान का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में अमृतसर और बेंगलुरु में भी प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे, जबकि 20 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक बड़ा राष्ट्रीय प्रदर्शन किया जाएगा।
हालांकि प्रदर्शन का नेतृत्व छात्र संगठनों और अभ्यर्थियों ने ही किया तथा पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आंदोलन शांतिपूर्ण ढंग से जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।




