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धीमी निर्माण गति पर PWD का सख्त एक्शन: दो ठेकेदारों का पंजीयन निरस्त, आठ को नोटिस

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रायपुर, 15 जून। छत्तीसगढ़ में सड़कों और पुलों के निर्माण कार्यों में हो रही देरी को लेकर लोक निर्माण विभाग (PWD) ने सख्त रुख अपनाया है। उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव के निर्देशों के बाद विभाग ने खराब प्रगति वाले दो ठेकेदारों का पंजीयन दो वर्षों के लिए निरस्त कर दिया है, जबकि आठ अन्य ठेकेदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।

     विभागीय अधिकारियों के अनुसार, जिन ठेकेदारों के कार्यों की प्रगति तय समयसीमा और स्वीकृत निर्माण कार्यक्रम के अनुरूप नहीं पाई गई, उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। इसके अलावा पहले से जारी नोटिसों के जवाबों की समीक्षा के बाद दो अन्य ठेकेदारों के विरुद्ध आगे की कार्रवाई के लिए मुख्य अभियंताओं से प्रतिवेदन भी मांगा गया है।

     लोक निर्माण विभाग ने हाल ही में राष्ट्रीय राजमार्ग-30 के केशलूर-जगदलपुर मार्ग पर किरंदुल-विशाखापट्टनम रेलवे लाइन के ऊपर निर्माणाधीन फोरलेन रेलवे ओवरब्रिज के कार्य में अत्यधिक देरी पाए जाने पर ठेकेदार मेसर्स अशोक कुमार मित्तल को नोटिस जारी कर निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।

     उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने पिछले सप्ताह बस्तर संभाग के चार दिवसीय दौरे के दौरान विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने सड़कों और पुलों के निर्माण में धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों और ठेकेदारों को चेतावनी दी थी कि लापरवाही और अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

     प्रमुख अभियंता द्वारा मेसर्स गुप्ता कंस्ट्रक्शन कंपनी का पंजीयन दो वर्षों के लिए निरस्त कर दिया गया है। कंपनी कोंडागांव और कबीरधाम जिलों में चार उच्च स्तरीय पुलों के निर्माण कार्य कर रही थी, लेकिन सभी परियोजनाओं में प्रगति अपेक्षा से काफी कम पाई गई।

      इसी प्रकार कांकेर जिले में दो पुल निर्माण परियोजनाओं में लगातार देरी और विभागीय निर्देशों की अनदेखी के कारण ठेकेदार निर्भय राम साहू का पंजीयन भी आगामी दो वर्षों के लिए निरस्त कर दिया गया है।

      वहीं नारायणपुर-सोनपुर-मरोदा सड़क चौड़ीकरण एवं सुधार कार्य में देरी के मामले में ठेकेदार पंकज हालदार तथा सुकमा जिले की दो सड़क परियोजनाओं में धीमी प्रगति को लेकर ठेकेदार आशीष भदौरिया के खिलाफ आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित मुख्य अभियंताओं से विस्तृत प्रतिवेदन मांगा गया है।