अयोध्या, 02 जुलाई। राम मंदिर में दान राशि से जुड़ी कथित अनियमितताओं के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। गुरुवार को फैजाबाद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा के नेतृत्व में सैकड़ों अधिवक्ताओं ने शहर में विरोध मार्च निकालकर एसपी सिटी कार्यालय पहुंचकर तहरीर सौंपी।
तहरीर में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी अनिल मिश्रा, गोपाल राव समेत अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है। साथ ही पूरे मामले की सीबीआई और ईडी से जांच कराने की भी मांग उठाई गई।
विरोध प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि मामले में जिन लोगों के नाम सामने आ रहे हैं, उनके खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस आरोपियों को संरक्षण दे रही है और इसी वजह से उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं की जा रही है।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा ने कहा कि राम मंदिर जैसी उच्च सुरक्षा वाले परिसर में यदि इतने बड़े स्तर पर कथित वित्तीय गड़बड़ी हुई है, तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उनका कहना था कि यदि मामले में बड़ी धनराशि के दुरुपयोग की आशंका है तो प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को स्वतः संज्ञान लेकर जांच शुरू करनी चाहिए।
उन्होंने पूरे मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग दोहराते हुए कहा कि निष्पक्ष जांच से ही सच्चाई सामने आ सकेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पुलिस शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज नहीं करती है, तो कानून के दायरे में रहकर आगे की कार्रवाई की जाएगी और कथित अनियमितताओं से जुड़े तथ्यों को लगातार सार्वजनिक किया जाएगा।
कालिका प्रसाद मिश्रा ने स्पष्ट किया कि यह शिकायत पहले दर्ज की गई एफआईआर से अलग है। उनके अनुसार, पहले दर्ज मामले में आठ अन्य आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी, जबकि इस बार जिन लोगों के खिलाफ तहरीर दी गई है, उनके नाम अलग हैं और जांच के दौरान आवश्यकता पड़ने पर अन्य लोगों के नाम भी जोड़े जा सकते हैं।
बार एसोसिएशन ने पहले दर्ज एफआईआर पर भी सवाल उठाए हैं। अध्यक्ष का कहना है कि पुलिस द्वारा नकदी बरामदगी का जो विवरण दर्ज किया गया है, उसमें कई विसंगतियां दिखाई देती हैं। उनके अनुसार, अलग-अलग स्थानों से बरामद की गई नकदी को रिकॉर्ड में एक साथ दर्शाया गया है, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।




