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राम मंदिर दान मामला: RSS की दोषियों पर सख्त कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग

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नई दिल्ली/लखनऊ, 03 जुलाई। अयोध्या स्थित राम मंदिर के दान पात्रों से चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने पहली बार आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है। संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे करोड़ों रामभक्तों की आस्था और भावनाओं को ठेस पहुंची है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कानून के तहत कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।

    वीडियो संदेश जारी कर होसबाले ने कहा कि रामलला मंदिर के दान पात्रों से कथित चोरी की घटना पूरे समाज के लिए चिंता और पीड़ा का विषय है। उन्होंने बताया कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है और उसकी प्रारंभिक सिफारिशों के आधार पर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

    उन्होंने कहा कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए। दोषियों को कड़ी सजा मिलने से श्रद्धालुओं का विश्वास मजबूत होगा और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति पर भी रोक लगेगी।

    सरकार्यवाह ने यह भी कहा कि ट्रस्ट को इस घटना को एक अपवाद के रूप में लेते हुए अपनी व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा करनी चाहिए। वित्तीय प्रबंधन में पारदर्शिता, दान व्यवस्था की प्रभावी निगरानी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को और मजबूत बनाकर करोड़ों श्रद्धालुओं के विश्वास को और सुदृढ़ किया जा सकता है।

    होसबाले ने विश्वास जताया कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और विशेष जांच दल आवश्यक कदम उठाकर इस मामले से जुड़े सभी तथ्यों को स्पष्ट करेंगे तथा मंदिर की पवित्रता, गरिमा और श्रद्धालुओं के विश्वास को अक्षुण्ण बनाए रखेंगे।

   अपने संदेश में उन्होंने पूरे हिंदू समाज से धैर्य और संयम बनाए रखने की अपील भी की। उनका कहना था कि कुछ हिंदू-विरोधी और राष्ट्र-विरोधी तत्व इस घटना का फायदा उठाकर हिंदू समाज और उसकी धार्मिक आस्था को बदनाम करने की कोशिश कर सकते हैं। ऐसे प्रयासों को समाज की एकजुटता और सतर्कता से विफल किया जाना चाहिए।

    उन्होंने सभी रामभक्तों से अपील की कि वे न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा रखें और जांच पूरी होने तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से बचें।