रायपुर, 09 जुलाई। महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने जांच को आगे बढ़ाते हुए अदालत में कुल पांच चार्जशीट दाखिल की हैं। इनमें भ्रष्टाचार से जुड़े एक मामले में छह आरोपियों के खिलाफ अभियोग पत्र पेश किया गया है, जबकि अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी सिंडिकेट से संबंधित मामले में 66 आरोपियों के विरुद्ध पांच अलग-अलग चार्जशीट दाखिल की गई हैं।
सीबीआई के अनुसार, भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में असीम दास, रोहित गुलाटी, विकास छपरिया, अनिल धम्मानी, विशाल आहूजा और धीरज आहूजा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (PC Act) तथा भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश के आरोप लगाए गए हैं। जांच एजेंसी ने महादेव ऐप के कथित मुख्य संचालकों सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल समेत पहले से आरोपित अन्य व्यक्तियों के खिलाफ भी अतिरिक्त साक्ष्य अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए हैं।
अवैध सट्टेबाजी से जुड़े दूसरे मामले में CBI ने 66 आरोपियों के खिलाफ पांच अलग-अलग चार्जशीट दाखिल की हैं। इनमें सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल और बेटिंग सिंडिकेट से जुड़े कई पैनल संचालकों के नाम शामिल हैं। एजेंसी का आरोप है कि इन्हीं पैनलों के माध्यम से अवैध सट्टेबाजी का संचालन किया जाता था और उससे अर्जित धन का लेन-देन किया जाता था। इस मामले में आरोपियों पर IPC और छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।
सीबीआई का कहना है कि महादेव बेटिंग ऐप देश के सबसे बड़े अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क में शामिल रहा है, जिसका संचालन भारत के बाहर से किया जाता था। जांच के मुताबिक, सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल ने सोशल मीडिया और विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए इस नेटवर्क का विस्तार देशभर में किया। एजेंसी के अनुसार, सिंडिकेट ने बड़ी संख्या में अवैध बेटिंग पैनल संचालित किए, लाखों लोगों को नेटवर्क से जोड़ा और सट्टेबाजी से प्राप्त रकम को कथित तौर पर ‘म्यूल अकाउंट्स’ के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग कर विदेश भेजा।
जांच में यह भी सामने आया है कि अपराध से अर्जित धन का एक हिस्सा कथित तौर पर कुछ सरकारी अधिकारियों को ‘प्रोटेक्शन मनी’ के रूप में दिया जाता था। CBI के मुताबिक, महादेव ऐप के प्रमोटर और उनके कई सहयोगी कुछ वर्ष पहले पश्चिम एशिया के देशों में चले गए थे और वहीं से पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहे थे।
सीबीआई ने बताया कि विदेश में छिपे चार प्रमुख आरोपियों के खिलाफ पहले ही रेड कॉर्नर नोटिस (RCN) जारी किया जा चुका है। इसके साथ ही उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। एजेंसी का कहना है कि महादेव बेटिंग ऐप सिंडिकेट, उसे मिले कथित राजनीतिक और नौकरशाही संरक्षण तथा इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच अभी जारी है। जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और भी चार्जशीट दाखिल की जा सकती हैं।




