रायपुर, 12 जुलाई। भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ, छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव के नेतृत्व में मुख्य सचिव विकास शील से सौजन्य भेंट कर पेंशनरों एवं पारिवारिक पेंशनरों से जुड़े 11 महत्वपूर्ण लंबित मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। लगभग एक घंटे तक चली बैठक में महासंघ ने प्रत्येक विषय पर अलग-अलग ज्ञापन सौंपते हुए शीघ्र समाधान की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य सचिव के समक्ष मध्यप्रदेश राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 2000 की धारा 49(6) को हटाने के लिए छत्तीसगढ़ विधानसभा में शासकीय संकल्प पारित कराने, पेंशनर कल्याण मंडल के पुनर्गठन एवं नियमित संचालन, पेंशनर कल्याण निधि नियमों में संशोधन कर सहायता राशि बढ़ाने तथा केंद्र सरकार के अनुरूप 1 जनवरी 2026 से देय 2 प्रतिशत महंगाई राहत (डीआर) का एरियर सहित भुगतान सुनिश्चित करने की मांग रखी। इसके अलावा ‘न मांग-न जांच प्रमाणपत्र’ के आधार पर पेंशन रोके जाने की प्रक्रिया पर रोक लगाने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया।
महासंघ ने राज्य के पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों को प्रस्तावित कैशलेस चिकित्सा योजना का लाभ देने, 80 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के वरिष्ठ पेंशनरों को एक सहायक सहित निःशुल्क बस यात्रा संबंधी आदेश का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने, सभी संभागों एवं जिलों में अलग पेंशन कार्यालय स्थापित करने तथा सेवानिवृत्ति के दिन ही सभी वैध देयकों का भुगतान करने की मांग भी रखी।
इसके साथ ही ई-पेंशन कार्ड जारी कर उन्हें ई-कोष लाइट एप पर अपलोड करने तथा उच्च न्यायालय के विभिन्न निर्णयों के अनुरूप पात्र पेंशनरों को लंबित लाभ और एरियर का भुगतान किए जाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने मुख्य सचिव को बताया कि ये सभी मुद्दे लंबे समय से लंबित हैं और इनके समाधान से राज्य के लाखों पेंशनरों एवं पारिवारिक पेंशनरों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि पेंशनर समाज लंबे समय से अपने वैधानिक अधिकारों और सम्मानजनक जीवन से जुड़े इन मामलों के समाधान की अपेक्षा कर रहा है।
मुख्य सचिव विकास शील ने प्रतिनिधिमंडल द्वारा सौंपे गए सभी ज्ञापनों का गंभीरता से परीक्षण कराने और संबंधित विभागों के माध्यम से आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया। उन्होंने पेंशनरों के हित से जुड़े विषयों को व्यवस्थित ढंग से शासन के समक्ष रखने के लिए भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ की सराहना भी की।
बैठक के बाद महासंघ ने मुख्य सचिव के सकारात्मक एवं संवेदनशील दृष्टिकोण का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि सभी लंबित मांगों पर शीघ्र निर्णय लेकर पेंशनरों को राहत प्रदान की जाएगी।
प्रतिनिधिमंडल में कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष जे.पी. मिश्रा, प्रदेश महामंत्री अनिल गोल्हानी, संभागीय अध्यक्ष शैलेन्द्र कुमार सिन्हा तथा दैनिक वेतनभोगी पेंशनर्स कल्याण प्रकोष्ठ के संयोजक अनिल पाठक सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।




