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राम मंदिर चढ़ावा मामला: सुप्रीम कोर्ट ने ट्रस्ट, केंद्र और यूपी सरकार को जारी किया नोटिस, एसआईटी से मांगी स्टेटस रिपोर्ट

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नई दिल्ली, 13 जुलाई। अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे और दान के प्रबंधन में कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है। साथ ही, मामले की जांच कर रही उत्तर प्रदेश सरकार की विशेष जांच टीम (एसआईटी) को स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया गया है।

      मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की तीन सदस्यीय पीठ ने सोमवार को इस मामले से संबंधित कई जनहित याचिकाओं पर सुनवाई की। इन याचिकाओं में राम मंदिर ट्रस्ट को प्राप्त दान और चढ़ावे के प्रबंधन में कथित वित्तीय गड़बड़ियों की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कराने की मांग की गई है।

      यह जनहित याचिकाएं आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह, अधिवक्ता नरेंद्र कुमार गोस्वामी, अधिवक्ता अजय कुमार राय, दिनेश कुमार यादव तथा हिन्दू धर्म परिषद की ओर से दायर की गई हैं।

      सुनवाई के दौरान एक याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत से कहा कि 123 वर्षों के लंबे संघर्ष के बाद अब एक नई लड़ाई शुरू हो गई है। उन्होंने दलील दी कि मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी को इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए जाने चाहिए।

      केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पक्ष रखा। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी से मामले की स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। इस पर सॉलिसिटर जनरल ने अदालत को बताया कि जांच रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में दाखिल की जाएगी। इसके बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवाई अगले सोमवार के लिए निर्धारित कर दी।

      गौरतलब है कि यह मामला राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए नकद दान और कीमती सामान की कथित चोरी एवं अनियमितताओं से जुड़ा है। इन आरोपों की जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को एसआईटी का गठन किया था। मामले में अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं, घटनाक्रम के बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा अपने पदों से इस्तीफा दे चुके हैं।