नई दिल्ली, 22 जुलाई। NEET परीक्षा और छात्र आंदोलन से जुड़े मुद्दों को लेकर बुधवार को संसद भवन परिसर में विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और सांसद अखिलेश यादव सहित कई विपक्षी सांसद शामिल हुए। अधिकांश सांसद काले कपड़े पहनकर संसद परिसर पहुंचे और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
विपक्षी सांसदों ने हाथों में NEET पेपर लीक से जुड़े संदेश लिखे पोस्टर और तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान “धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो”, “छात्रों को न्याय दो” और “NEET घोटाले की जांच करो” जैसे नारे लगाए गए। विपक्ष का आरोप है कि केंद्र सरकार छात्रों से जुड़े गंभीर मुद्दों की अनदेखी कर रही है।
प्रदर्शन के दौरान कुछ सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार के खिलाफ भी नारेबाजी की। विपक्ष ने कहा कि यह विरोध छात्रों के आंदोलन और उनके अधिकारों के समर्थन में किया जा रहा है।
कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर किया जा रहा है और संसद में विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश हो रही है। खड़गे ने कहा कि नियमों के तहत विरोध करने वाले सांसदों को भी परेशान किया जाता है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि संसद परिसर में कुछ लोग बिना पहचान पत्र के पुलिस के साथ मौजूद थे और उनका इस्तेमाल विपक्षी नेताओं तथा छात्रों को डराने-धमकाने के लिए किया जा रहा है। खड़गे ने चेतावनी दी कि यदि सरकार छात्रों और विपक्ष के नेताओं को दबाने का प्रयास करेगी, तो देशभर में व्यापक जनआंदोलन खड़ा हो सकता है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और INDIA गठबंधन छात्रों के मुद्दों पर अपनी लड़ाई जारी रखेगा और सरकार के दबाव से पीछे नहीं हटेगा। विपक्ष ने NEET मामले में निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग दोहराई।




