रायपुर, 22 जुलाई। छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद की आज हुई बैठक में राज्य के पेंशनरों के लिए केंद्र सरकार के समान जनवरी 2026 से देय महंगाई राहत (डीआर) को मंजूरी नहीं मिलने पर भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ, छत्तीसगढ़ ने गहरी निराशा व्यक्त की है।
महासंघ के प्रांतीय अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि प्रदेश के लाखों पेंशनर और परिवार पेंशनर पिछले कई महीनों से केंद्र सरकार के समान महंगाई राहत की घोषणा का इंतजार कर रहे थे। उन्हें उम्मीद थी कि मंत्रिपरिषद की बैठक में इस संबंध में सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा, लेकिन डीआर पर कोई फैसला नहीं होने से पेंशनर वर्ग खुद को उपेक्षित महसूस कर रहा है।
उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई के कारण पेंशनरों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है। महंगाई राहत कोई अतिरिक्त सुविधा नहीं, बल्कि पेंशन की क्रय शक्ति को बनाए रखने का आवश्यक माध्यम है। केंद्र सरकार द्वारा जनवरी 2026 से महंगाई राहत में वृद्धि किए जाने के बाद राज्य के पेंशनर भी उसी तर्ज पर लाभ मिलने की अपेक्षा कर रहे थे।
श्री नामदेव ने कहा कि छत्तीसगढ़ के पेंशनरों और परिवार पेंशनरों ने राज्य सरकार पर भरोसा रखते हुए लंबे समय तक धैर्य बनाए रखा, लेकिन कैबिनेट बैठक में इस मुद्दे पर कोई निर्णय नहीं होने से उनकी उम्मीदों को झटका लगा है। उन्होंने कहा कि वृद्ध एवं बीमार पेंशनरों के लिए यह स्थिति विशेष रूप से चिंताजनक है।
महासंघ के प्रांतीय अध्यक्ष नामदेव के साथ जे.पी. मिश्रा, अनिल गोल्हानी, प्रवीण कुमार त्रिवेदी, टी.पी. सिंह, शैलेन्द्र कुमार सिन्हा, आर.जी. बोहरे, ओ.डी. शर्मा और आर.के. टंडन सहित अन्य पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री से आग्रह किया है कि राज्य के पेंशनरों को केंद्र सरकार के समान जनवरी 2026 से महंगाई राहत तत्काल स्वीकृत की जाए। साथ ही संबंधित आदेश जारी कर बकाया राशि सहित भुगतान सुनिश्चित किया जाए।




