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‘इमर्जिंग छत्तीसगढ़’ कार्यक्रम में बोले मुख्यमंत्री साय: महिला सशक्तिकरण, बस्तर विकास और सुशासन हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता

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रायपुर, 22 जुलाई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी में आयोजित इमर्जिंग छत्तीसगढ़–सशक्त नारी, समृद्ध प्रदेश’ कार्यक्रम में राज्य सरकार की विकास संबंधी प्राथमिकताओं को विस्तार से रखा। उन्होंने महिला सशक्तिकरण, बस्तर में विकास, रोजगार, उद्योग, पर्यटन, सुशासन और सामाजिक सुधारों को सरकार के प्रमुख एजेंडे में शामिल बताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने के लिए सभी क्षेत्रों में तेजी से कार्य किया जा रहा है।

        मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ केवल एक राज्य नहीं, बल्कि यहां के लोगों के लिए छत्तीसगढ़ महतारी’ है। उन्होंने इसे माता कौशल्या की जन्मभूमि और भगवान श्रीराम का ननिहाल बताते हुए भारतीय संस्कृति में महिलाओं को दिए गए सम्मान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वेदों में भी कहा गया है, यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता”, अर्थात जहां महिलाओं का सम्मान होता है, वहां देवताओं का वास होता है।

महतारी वंदन योजना से बढ़ा महिलाओं का आत्मविश्वास

         मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की महतारी वंदन योजना महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम बनी है। इस योजना के तहत प्रदेश की लगभग 68.50 लाख विवाहित महिलाओं को हर माह एक-एक हजार रुपये सीधे उनके बैंक खातों में भेजे जा रहे हैं। अब तक 29 किश्तों के माध्यम से करीब 18,800 करोड़ रुपये महिलाओं के खातों में अंतरित किए जा चुके हैं।

         उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के दौरे के दौरान महिलाओं में इस योजना के सकारात्मक प्रभाव साफ दिखाई देते हैं। कई महिलाओं ने इस राशि से सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश, सिलाई मशीन खरीदकर स्वरोजगार शुरू करने, तथा किराना और सब्जी की दुकान खोलकर अपनी आय बढ़ाने जैसे कदम उठाए हैं। इससे उनकी आर्थिक आत्मनिर्भरता के साथ परिवार के निर्णयों में भी उनकी भागीदारी बढ़ी है।

महतारी वंदन की राशि से शुरू हुआ राम मंदिर निर्माण

         मुख्यमंत्री ने सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के दानसरा गांव का उल्लेख करते हुए बताया कि वहां की महिलाओं ने महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि को एकत्रित कर भगवान श्रीराम के मंदिर के निर्माण का कार्य शुरू किया है। उन्होंने इसे सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना का प्रेरक उदाहरण बताते हुए कहा कि महिलाएं इस योजना का उपयोग समाजहित के कार्यों में भी कर रही हैं।

30 लाख महिलाएं जुड़ीं स्व-सहायता समूहों से

         मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 2.86 लाख महिला स्व-सहायता समूह सक्रिय हैं, जिनसे लगभग 30 लाख महिलाएं जुड़ी हुई हैं। इन समूहों को रेडी-टू-ईट कार्यक्रम सहित विभिन्न स्वरोजगार गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। साथ ही ऋण और अन्य आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर महिलाओं की आय बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

बस्तर में विकास और शांति साथ-साथ

      मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि चार-पांच दशकों तक नक्सल हिंसा से प्रभावित रहा बस्तर अब तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति, सुरक्षा बलों के साहस और स्थानीय लोगों के सहयोग को महत्वपूर्ण बताया।

     उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के साथ-साथ विकास योजनाओं को भी समान गति से आगे बढ़ाया गया है। पहले सुरक्षा शिविरों के पांच किलोमीटर दायरे तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचता था, जिसे अब बढ़ाकर 10 किलोमीटर तक कर दिया गया है।

500 से अधिक गांवों तक पहुंची ‘नियद नेल्ला नार’ योजना

       मुख्यमंत्री ने बताया कि नियद नेल्ला नार’ योजना के तहत अब 500 से अधिक गांवों को जोड़ा जा चुका है। इन गांवों में लगभग 17 विभागों की 40 से अधिक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। लोगों को राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने के साथ ही सरकारी योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित की जा रही है।

       उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य महिलाओं को सशक्त बनाते हुए प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र में समावेशी विकास सुनिश्चित करना है, ताकि छत्तीसगढ़ विकास और समृद्धि के नए आयाम स्थापित कर सके।