नई दिल्ली, 24 जुलाई। NEET पेपर लीक विवाद और देशभर में जारी छात्र आंदोलनों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों के नाम एक वीडियो संदेश जारी कर भरोसा दिलाया कि सरकार पेपर लीक जैसे मामलों को अत्यंत गंभीरता से ले रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पेपर लीक केवल एक परीक्षा से जुड़ी घटना नहीं, बल्कि लाखों छात्रों और उनके परिवारों के सपनों पर आघात है। उन्होंने आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने के लिए व्यापक सुधारों पर काम कर रही है।
उन्होंने बताया कि घटना के बाद पिछले ढाई महीनों में जांच एजेंसियों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो फिलहाल जेल में हैं। सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना थी कि विद्यार्थियों का एक शैक्षणिक वर्ष प्रभावित न हो। इसी उद्देश्य से कम समय में करीब 22 लाख छात्रों की परीक्षाएं सफलतापूर्वक आयोजित कराई गईं और 19 जुलाई को परीक्षा परिणाम भी घोषित कर दिए गए।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार केवल परीक्षा आयोजित कर अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं मानेगी, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कानूनी और प्रशासनिक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि संबंधित विभागों को फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था तैयार करने के निर्देश दिए गए थे। विभागों ने देर रात तक इस संबंध में मसौदा तैयार कर लिया है, जिसमें फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन के साथ दोषियों के लिए कठोर दंड का प्रावधान भी शामिल है।
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित मसौदे पर जल्द ही केंद्रीय मंत्रिमंडल में चर्चा होगी। कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद इसे अंतिम रूप देकर संसद के दूसरे सप्ताह में विधेयक के रूप में पेश किया जाएगा और इसे शीघ्र पारित कराने का प्रयास किया जाएगा।
उधर, जंतर-मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन लगातार 31वें दिन भी जारी है। प्रदर्शनकारी NEET पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच, परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं।




