होम छत्तीसगढ़ ट्रेन चोरी के मामले में अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, बिहार के 6...

ट्रेन चोरी के मामले में अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, बिहार के 6 आरोपी दबोचे गए

0

बिलासपुर, 28 जुलाई। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में ट्रेनों और रेलवे परिसरों में सक्रिय चोरी, लूट एवं अन्य आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने बड़ी सफलता हासिल की है। संयुक्त कार्रवाई में बिहार के मुंगेर जिले के बरियारपुर स्थित कुख्यात पेपर गैंग’ के छह शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

       यह कार्रवाई 12 जुलाई को गाड़ी संख्या 58214 टिटलागढ़ पैसेंजर में हुई जेवर चोरी की घटना की जांच के दौरान की गई। रायगढ़ निवासी यज्ञ नारायण सोनी अपनी पत्नी और बच्चों के साथ बिलासपुर से रायगढ़ की यात्रा कर रहे थे। यात्रा पूरी होने के बाद उन्हें पता चला कि उनके प्लास्टिक बॉक्स में रखे लगभग ₹2.74 लाख मूल्य के सोने के आभूषण चोरी हो गए हैं। मामले में जीआरपी बिलासपुर में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई।

        जांच के दौरान घटना के तरीके का विश्लेषण करने पर आरपीएफ की अपराध आसूचना शाखा (सीआईबी) और जीआरपी को अंतरराज्यीय पेपर गैंग’ की संलिप्तता का संदेह हुआ। इसके बाद ऑपरेशन यात्री सुरक्षा’ के तहत विशेष अभियान चलाकर बिलासपुर, जयरामनगर, अकलतरा, नैला और चांपा रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच की गई। रेलवे स्टेशनों के फुटेज को शहर के ट्रैफिक कैमरों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों से जोड़कर संदिग्धों की गतिविधियों का पता लगाया गया।

        जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी बिलासपुर के एक होटल में ठहरे थे और सभी बिहार के बरियारपुर (मुंगेर) के संगठित चोरी गिरोह से जुड़े हैं। तकनीकी निगरानी के दौरान यह भी पता चला कि गिरोह दोबारा बिलासपुर क्षेत्र में चोरी की वारदात को अंजाम देने की तैयारी में था।

        इस सूचना के आधार पर 26 जुलाई 2026 को आरपीएफ की सीआईबी और जीआरपी की संयुक्त टीम ने योजनाबद्ध कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तार आरोपी छत्तीस कुमार (42), सागर (23), पिंटू राज (38), उदय कुमार (35), शिंटू कुमार (29) और हिमांशु कुमार (20) हैं। सभी आरोपी बिहार के मुंगेर जिले के बरियारपुर के निवासी हैं।

         पुलिस के अनुसार गिरोह का मुख्य सरगना रणजीत कुमार मंडल और उसका सहयोगी दीपक कुमार मंडल अभी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।

          प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी पहले भी रेलवे यात्रियों से चोरी की कई घटनाओं में शामिल रहे हैं। जीआरपी बिलासपुर मामले की विस्तृत जांच कर रही है। पूछताछ के आधार पर रेलवे में हुई अन्य चोरी की वारदातों का भी खुलासा होने की संभावना जताई जा रही है।